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सरकारी है इसलिए सही है

माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास सबके लिए अलग-अलग नियम हैं। खास तौर से तब, जब बात किसी के खिलाफ कार्रवाई करने की आती। अगर विभाग को किसी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करनी हो, तो पहले वह देखता है कि स्कूल चलाता कौन है। यही कारण है कि जिले में बगैर मान्यता के चल रहे सभी स्कूलों के खिलाफ कई मामलों में कार्रवाई हो रही है, मगर नगर निगम की ओर से चलाए जो रहे बगैर मान्यता के चार स्कूलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही। सिर्फ इतना ही नहीं, इस बारे में डीआईओएस से बात करने पर उनका कहना है, चूंकि इन स्कूलों को नगर निगम जैसी सरकारी संस्था चला रही है इसलिए ये सही है।


माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से नवीं और ग्यारहवीं के रजिस्ट्रेशन के दौरान उन स्कूलों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जो अपनी क्षमता से ज्यादा बच्चों का रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। ऐसे स्कूलों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई भी की। मगर विभाग ने नगर निगम के महरौली, साहिबाबाद, कैला भट्टा और मकनपुर स्थित विद्यालयों के खिलाफ कोई कार्रवाइ नहीं की। ये सभी विद्यालय करीब दस साल से चल रहे हैं। इनमें से किसी को भी मान्यता नहीं मिली है, यहां तक कि इन स्कूलों ने मान्यता पाने के लिए यूपी बोर्ड को आवेदन भी महज दो साल पहले ही भेजा है, जो किन्हीं कारणों से रिजेक्ट हो गया।


डीआईओएस को इस बात की जानकारी है, कि नगर निगम के इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का रजिस्ट्रेशन नगर निगम के पांचवे विद्यालय एमबी गर्ल्स से ही होता है, मगर उन्होंने इन स्कूलों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया। डीआईओएस जानकारी होने के बावजूद इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई ना करने की वजह बताते हैं, कि ये स्कूल सरकरी संस्था की ओर से बच्चों की पढ़ाई के लिए चलाए जाते हैं, इसलिए ये सही है। लेकिन अगर कोई प्राइवेट बॉडी बच्चों की पढ़ाई के लिए ऐसा ही स्कूल चला रही है, तो विभाग उस स्कूल को बंद भी करवाएगा और उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई भी करेगा।

 एक नजर इनपर भी--
(आंकडे विभाग के अनुमान पर आधारित)
जिले में अमान्य स्कूलों की संख्या-  500(प्राइमरी से इंटर तक के)
अब तक हुई कार्रवाई-  25(माध्यमिक)

मान्यता की शर्त्तें --
-स्कूल में सभी कक्षाओं के लिए कमरे और फर्नीचर
-स्कूल के पास पक्का भवन और खेल का मैदान
-स्कूल के पास विज्ञान कक्ष, शिक्षण कक्ष, वैकल्पिक कक्ष, प्रधानाध्यापक कक्ष, कार्यालय, भंडारगृह और शौचालय तथा

मूत्रालय होना आवश्यक
-विद्यालय की भूमि किसके नाम है, उसका पूरा विवरण
-लाईब्रेरी, खेल-कूद का सामान, साईंस प्रैक्टिकल का सामान और वैकल्पिक विषयों की पढ़ाई के लिए मान्यता लेने के केस में उससे जुड़ी सामग्री।

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