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बसपा सरकार में गन्ना किसान त्रस्त : सपा

समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि मायावती सरकार में गन्ना किसान सबसे ज्यादा लूट और उपेक्षा के शिकार हुए हैं। उनको न उचित समर्थन मूल्य दिया गया और न ही बकाया भुगतान हुआ। यही वजह है कि किसान अब गन्ने की बुवाई से ही हाथ खींच रहा है।

सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने यहाँ जारी प्रेस बयान में कहा कि पेराई सत्र से पहले गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित किए जाने की नीति रही है। लेकिन बसपा सरकार ने इसे टाल दिया है। ऐसा कुछ निहित तत्वों के स्वार्थ साधन के लिए किया गया है। बाजार में चीनी और गुड़ के दाम बढ़े हुए हैं। बिचौलिए मजे कर रहे हैं। सरकार किसानों को वाजिब दाम दिलाने के बजाए कानूनी पैंतरेबाजी दिखा रही है।

सपा प्रवक्ता ने माँग की कि गन्ना किसानों को 300 रूपये प्रति कुन्तल से कम समर्थन मूल्य नहीं मिलना चाहिए और उन्हें दो सत्रों की बकाया राशि ब्याज सहित तुरन्त दिलाने का कदम उठाया जाना चाहिए।  सपा प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री को हर समस्या पर प्रधानमंत्री को चिट्ठी  लिखना आसान लगता है।

यह उनकी प्रशासनिक अक्षमता है। चीनी की जरूरत का ख्याल उन्हें तब आया जब सभी त्योहार निकल चुके हैं। इस सरकार के ऐसे ही रवैये के कारण राज्य की यह स्थिति है। मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में गन्ना किसानों को ज्यादा मूल्य मिला था।

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