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उल्लू को गोद लेंने की योजना शुरु

धन की देवी लक्ष्मी के वाहन और लुप्तप्राय होते जा रहे पक्षी उल्लू को बचाने के लिए उसे गोद लेने की योजना शुरु की गई है। कानपुर चिडियाघर के निदेशक के प्रवीण राव ने कहा कि धन और वैभव के लिए दीपावली के दिन लक्ष्मी की पूजा की जाती है लेकिन शास्त्र और पुराण के अनुसार उनके वाहन उल्लू पर ध्यान नहीं दिया जाता। अब हालत यह है कि उल्लू लुप्तप्राय पक्षी की श्रेणी में आ गया है। उन्होंने कहा कि इस पक्षी को बचाने के लिए उसे गोद लेने की नायाब योजना शुरू की गई है।
 
उन्होंने कहा कि उल्लू का शिकार करने या उसे घर में रखने की बजाय अब लोग चिडि़याघर से ही उसे गोद ले सकते हैं। एक उल्लू को गोद लेने के लिए दस हजार रूपए सालाना देने होंगे। कानपुर चिडि़याघर में अभी मात्र पांच उल्लू हैं। गोद लेने वाले व्यक्ति या संस्था का नाम उसके पिंजरे के बाहर लिखा जाएगा।

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