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घर के अंदर आइने की शोभा

घर के अंदर आइने की शोभा

शीशा, आईना, दर्पण.. अपने नाम की विविधता की तरह ही इसकी विविध भूमिकाएं भी हैं। यूं तो शुरुआत में लोगों को सुंदर बनाने के लिए ही आईने का मुख्य रूप से इस्तेमाल होता था, पर बाद में इसकी उपयोगिता अन्य कार्यों के लिए भी बढ़ती गई।

लोगों की सृजनात्मक प्रवृत्ति ने आईने को भी विविध रूपों में ढाल दिया है। जी हां, आजकल आईने ने इतना सुंदर स्वरूप ले लिया है कि यह इंटीरियर डेकोरेशन के लिए भी काफी इस्तेमाल होने लगा है। आज बाजार में विविध आकर्षक व कलात्मक रूप में बने आईने को देखकर किसी का भी मन साधारण दर्पण की अपेक्षा उन्हें लगाने के लिए एकदम से विचलित हो सकता है।

डिजाइन की कमी नहीं
आधुनिक दौर में आईने की जरूरत के साथ इसे सजावट का अंग बनाने के लिए आईने को केवल खूबसूरत बनाने पर ही ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि इसके फ्रेम की कलात्मकता पर भी गौर किया जाता है। इसके तहत वुडन, मेटल, रॉट आयरन आदि अनेक चीजों से बने इसके मनमोहक फ्रेम आपके घर की शोभा बढ़ाते हैं। आप घर की दीवारों के रंग से मेल खाते आईने खरीद सकते हैं या फिर चाहें तो फर्नीचर के कलर के अनुसार भी इसकी खरीदारी कर सकते हैं या बनवा सकते हैं।

आईने की अपनी सुंदरता तो होती ही है, किसी छोटी जगह को दोगुना दिखाने या किसी जगह को बड़ा दिखाकर उसे और आकर्षक बनाने में भी इसका इस्तेमाल खूब होने लगा है। ऑफिस या दुकानों के लिए आईने की ऐसी डिजाइनिंग की जाती है। वैसे इस तरह की डिजाइनिंग के लिए यह बेहद जरूरी है कि जगह के मुताबिक आईने का सही चुनाव किया जाए और इसे लगाने के लिए भी उपयुक्त स्थान की व्यवस्था हो।

वास्तु
घर की सामान्य साज-सज्जा से भी एक कदम आगे बढ़कर अब आईने का इस्तेमाल वास्तु और फेंग्शुई में भी होने लगा है। आईने ने वास्तु व फेंग्शुई में भी अपनी महत्ता दर्ज करा दी है और इसका इस्तेमाल अब सुख-समृद्धि के लिए भी किया जने लगा है। आईने की ऐसी उपयोगिता के लिए आईने को किसी वास्तुशास्त्री की सलाह से ही लगाना चाहिए। इस संबंध में प्रसिद्ध वास्तु शास्त्री नरेश सिंगल का कहना है, ‘वास्तु के अनुरूप लगाने से शीशा आपके घर व कार्यालय में बुरे प्रभाव को कम करता है। आईने कई प्रकार के होते हैं, पर यदि आप सजवट के साथ-साथ ग्रह दशा को भी ठीक करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं तो इसके लिए चारकोल मिरर बेहतर होता है।’

भारत में वास्तु व फेंग्शुई की दृष्टि से आईने का इस्तेमाल कुछ समय पहले से ही शुरू हुआ है, पर कम समय में इस ट्रेंड ने काफी लोकप्रियता हासिल कर ली है। अब जब जिंदगी को बेहतर बनाने में आईने की अहम भूमिका वास्तु और फेंग्शुई से साबित हो तो भला लोग ऐसा क्यों न करें।

कीमत
आईने की कीमत उसकी डिजइनिंग, शीशे की गुणवत्ता और आकार पर निर्भर करती है। यह कीमत कुछ सौ से शुरू होती है व कई हजारों तक जाती है। आप अपनी जेब व जरूरत के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं।

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