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विश्व स्वास्थ्य शिखर बैठक में डार्विन मेडिसिन पर होगी चर्चा

विश्व स्वास्थ्य शिखर बैठक में डार्विन मेडिसिन पर होगी चर्चा

दमे और मोटापे जैसी आधुनिक बीमारियों की जड़ में जाने के लिए चिकित्सा जगत में एक अलग प्रकार का शोध होने जा रहा है जिसमें चार्ल्स डार्विन के विकास के 150 साल पुराने सिद्धांत के जरिए इन बीमारियों पर रोशनी डाली जाएगी।

 बर्लिन में कल संपन्न हुए विश्व स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन में डार्विन मेडिसिन चर्चा का मुख्य केन्द्र बिंदु रहा जिसका मकसद डाक्टरों और चिकित्सा शोधकर्ताओं को समक्षने में मदद करेगा कि मानव का सदियों से चरणबद्ध विकास हुआ है ।

इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका अदा करने वाले यूनविर्सिटी आफ मेडिसिन के रानडोल्फ नेसी ने कहा कि शरीर इंजीनियरों द्वारा डिजाइन की गयी मशीनों की तरह कोई मशीन नहीं हैं । इसे प्राकतिक चयन के आधार पर आकार प्रदान किया गया और इसके विभिन्न हिस्सों में कुछ खामियां हैं ।

उन्होंने शिखर बैठक में कहा कि ये खामियां लोगों को बेहद संवेदनशील बनाती हैं । इस शिखर बैठक में 60 से अधिक देशों के सात सौ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। नेसी ने कहा मेडिकल शोध का यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और चिकित्सा जगत के साथ ही जनस्वास्थ्य सुविधाओं से जुडी नीतियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है ।

डार्विन मेडिसिन में जिन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया उनमें दमे और मोटापे जैसी आधुनिक बीमारियां थीं जो पर्यावरण में बदलाव का परिणाम हैं । पर्यावरण में बदलाव के अनुरूप हमारा शरीर इतनी तेजी से खुद में बदलाव नहीं कर सकता।पर्यावरण में ये तेजी से हो रहे बदलाव मानवीय गतविधियों का परिणाम भी हो सकते हैं । इतना ही नहीं अन्य बीमारियों को समाप्त करने के प्रयासों के चलते भी पर्यावरण में बदलाव हो रहे हैं ।

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