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यूआईडी के बगैर नहीं चलेगा काम

यूआईडी के बगैर नहीं चलेगा काम

सरकार द्वारा प्रस्तावित सोलह अंकों की विशेष पहचान संख्या (यूआईडी) योजना के बगैर काम नहीं चलेगा। बैंक में खाता खोलने, पासपोर्ट लेने या ड्राइविंग लाइसेंस लेने सहित तमाम कार्यों के लिये यूआईडी जरूरी हो सकता है। विशेष पहचान प्राधिकार (यूआईडीएआई) के चेयरमैन नंदन निलेकणि ने कहा कि विशेष पहचान संख्या (यूआईडी) योजना हालांकि लोगों को नागरिकता जैसा अन्य किसी प्रकार का अधिकार नहीं देगी। पहली पहचान संख्या 12 से 18 महीने में मिलने की उम्मीद है। 

इंफोसिस के सह संस्थापक ने कहा कि फिलहाल यूआईडी स्कीम स्वैच्छिक है। हालांकि यह बहुउपयोगी साबित होगी। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि जब आप पासपोर्ट के लिये जाएंगे, वे आपसे पूछेंगे कि आपका यूआईडी नंबर क्या है? जब आप ड्राइविंग लाइसेंस के लिये जाएंगे, वहां भी  यूआईडी नंबर के बारे में पूछा जाएगा, जब आप कर जमा करने या बैंक खाता खोलने जाएंगे, उस समय भी आपका सामना यूआईडी नंबर से होगा। देर-सबेर आपको हर हाल में यूआईडी नंबर हासिल करना ही होगा। निलेकणि ने कहा कि आने वाले साल में सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों में यूआईडी संख्या का जिक्र होगा।

इससे गलत पहचान पत्र को समाप्त करने में मदद मिलेगी और आपका यूआईडी बहुउपयोगी और हर जगह काम आने वाला होगा। यूआईडी योजना अनिवार्य नहीं होगी लेकिन इसकी उपयोगिता इसे जरूरी बना देगी। अगर आपके पास यूआईडी है तो आपका जीवन बहुत आसान हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि यूआईडी नंबर के उपयोग और विभिन्न डेटाबेस में इसके इस्तेमाल के संबंध में विभिन्न एजेंसियों, मंत्रियों और अन्य पक्षों के साथ बातचीत जारी है। सभी लोग हमारे साथ सहयोग को तैयार हैं।

निलेकणि ने कहा कि यूआईडी के कारण फर्जी बैंक एकाउंट खोलने पर रोक लगेगी और फलस्वरूप गलत तरीके से पैसा कमाने (काला धन) पर भी अंकुश लगेगा। इससे कर वसूली बढ़ेगी। अगले पांच साल में 1.2 अरब की आबादी में से 60 करोड़ लोग यूआईडी के दायरे में होंगे।

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