DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब नहीं दिखेंगी मलिन बस्तियां

मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों को भी अब आवासीय सुविधा मिलेगी। शहरी विकास विभाग की इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 76 करोड़ रुपए की किस्त जारी कर दी है। आईएचएसडीपी नाम की इस योजना के तहत अभी तक पौड़ी व श्रीनगर शहरों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया गया था। अब अन्य शहरी क्षेत्रों से भी डीपीआर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

आईएचएसडीपी के विस्तार की कार्य योजना तैयार कर ली गई है। मलिन बस्तियों को आवासीय कालोनी में तब्दील करने की इस योजना में केंद्र ने धनराशि भी स्वीकृत कर दी है। पौड़ी व श्रीनगर में यह प्रयोग हो चुका है। अब रुड़की, लक्सर, हल्द्वानी , रामनगर, नरेंद्रनगर, चंबा, रुद्रपुर व काशीपुर जैसे शहरी क्षेत्रों का चयन किया जा रहा है। 76 करोड़ की लागत से बनने वाले इन मकानों को बनाकर उन गरीब लोगों को दिया जाएगा जो मलिन बस्तियों में निवास करते हैं।

एक परिवार को एक मकान दिया जाएगा और एक मकान की कीमत एक लाख अस्सी हजार रुपए होगी। घरों का निर्माण सरकारी कार्यदायी संस्था द्वारा किया जाएगा। स्लम को दूर करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत यह कार्य किया जाना है। ऐसे सभी शहरी क्षेत्रों को डीपीआर भेजने को कहा गया है जहां पर मलिन बस्तियां हैं। इस योजना के पीछे सरकार की मंशा मलिन बस्तियों को समाप्त करने की है।

मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के जीवन का स्तर सुधारने के लिए की जा रही सरकार की इस पहल से कई समस्याएं हल हो जाएंगी। जहां पर मलिन बस्ती होती है वहां पर संक्रामक बीमारियों के पैदा होने का खतरा बना रहता है। इसलिए इस योजना के पूरा होने के बाद स्लम काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अब नहीं दिखेंगी मलिन बस्तियां