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पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी सेल बताई गई कम

बढ़ती मंहगाई की मार इस बार दीपावली पर पटाखों पर भी रही। पटाखा बिक्रेताओं की माने तो पिछले साल के मुकाबले इस पर 20 फीसदी बिक्री कम रही। लोगों ने आवाज वाले पटाखे कम खरीदे। वहीं इस बार पटाखे तीस फीसदी महंगे रहे। बावजूद इसके लोगों ने करोड़ों रुपये चलाए।


दीपावली पर हर साल प्रशासन लोगों को जागरूक करता है कि कम से कम पटाखे चलाए। साथ ही पटाखे चलाने में बिना आवाज वाले पटाखों को ज्यादा अहमियत दें। जिसका नतीजा यह हुआ कि इस पर पिछले साल के मुकाबिले तेज आवाज के पटाखे कम चले। हालांकि अनार, चरखी व फूलझड़ी ज्यादा चलने से प्रदूषण भी काफी हुआ। पटाखा विक्रेता अशोक कुमार की माने तो पिछले साल के मुकाबले इस बार पटाखों की बिक्री कम रही। इसका कारण बढ़ती मंहगाई भी है। पिछले साल के मुकाबले इस बार पटाखे तीस फीसदी महंगे रहे। जिसके कारण लोगों ने कम पटाखों खरीदे। जो अनार का दस पीस का पैक 150 रुपये का था वह इस बार 180 रुपये का बिका। अशोक के मुताबिक शहर में पचास से अधिक लोगों को पटाखे बेचने का अस्थाई लाइसेंस दिया गया था। इतना ही नहीं पांच खुले स्थानों पर करीब 200 दुकान लगाकर पटाखों की बिक्री की गई। इस बार पटाखों की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या काफी कम रही। खुले मैदान में पटाखे बिक्री करने वाले दुकानदारों का काफी माल बचा। पटाखा बिक्रेताओं की माने तो करीब एक करोड़ से अधिक के पटाखों का व्यापार हुआ।


पिछले साल का माल पहले बेचा

हर साल के मुकाबले इस बार भी दुकानदारों ने पिछले साल का बचा सामान पहले बेचा। पटाखों पर 50 से 60 फीसदी की छूट दी गई। रामलीला मैदान कविनगर में तो कई दुकानदारों के पास पुराना स्टॉक की पड़ा हुआ था। वहीं शहर में कई स्थानों पर बने गोदामों पर जमकर बिक्री हुई। हालांकि पुलिस प्रशासन की सख्ती के कारण यह गोदाम मालिक देर रात तक पटाखों की बिक्री नहीं कर सके।

कूड़े के लिए प्रताप विहार का विकल्प

पटाखे छुड़ाने के बाद उनसे हुए कूड़े का निस्तारण सबसे बड़ी समस्या है। लेकिन इस पर इसको लेकर नगर निगम चितिंत नहीं है। नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डा.एस.डी शर्मा के मुताबिक प्रताप विहार में आवास विकास की जमीन पर हिडंन के पीछे कूड़ा डालने की व्यवस्था की गई। यहां इतना बड़ा गडढे को भरना है कि शहर से निकलने वाले कूड़े को एक साल तक डाला जाएगा तो जाकर यह भरेगा। इस पर दीपावली के कूड़े को शहर से इक्टठा करके प्रताप विहार में डाला जाएगा। यहां पर कूड़े में आग लगने से जान माल का नुकसान भी नहीं होगा।

नगर निगम की स्थिति

कुल रोजाना निकले वाला कूड़ा   500 से 550 टन
दीपावली पर बढ़ा हुआ कूड़ा  200 से 250 टन
कूड़ा उठाने के लिए निगम वाहन छोटे व बड़े 150
कुल सफाई कर्मचारियों की संख्या 4500

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