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समीक्षा का वक्त

करियर में किसी भी पड़ाव पर जब आपके काम की समीक्षा होती है, तो वे पल कई बार नर्वस कर ही देते हैं। ज़ाहिर है, अप्रैज़ल के बाद होने वाली परफॉर्मेस रिव्यू मीटिंग में हर शख्स को पूरी तैयारी के साथ ही जाना चाहिए। इसके बगैर सकारात्मक नतीजे की उम्मीद कम ही रह जाती है। आपके सुपरवाइज़र बॉस की रिपोर्ट मिलने के बाद जब विभागाध्यक्ष फीडबैक मीटिंग के लिए आपको बुलाते हैं, तो उसकी विना पर ही आपके प्रमोशन और वेतन-वृद्धि के बारे में फैसला किया जाता है। 

-  मीटिंग से पहले : इसकी पूरी तैयारी कीजिए। अपने तरकश में तर्को के तीर सजा लीजिए और हो सके, तो इनके समर्थन में दस्तावेजी सबूत भी जुटा लीजिए। कामयाबियों की सूची तैयार कीजिए, जिसमें क्लायंट्स या मैनेजर के पॉजिटिव नोट्स भी शामिल हों।

-  दैनिक कार्य प्रदर्शन : याद रखिए, रिव्यू मीटिंग आपके साल भर के काम की समीक्षा के लिए होती है। इसलिए भूलकर भी रोजमर्रा के काम की उपेक्षा न कीजिए। टीम भावना के साथ काम करें।

-  आत्मविश्वास : मीटिंग में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ शामिल हों। संक्षिप्त, सटीक जवाब दें। आपका काम और कामयाबियां ही आपका असली जवाब है।

-  तथ्य : आपको सौंपे गए काम और कामयाबी के कागज़ात संभालकर ले जाएं। हो सके, तो अपने योगदान को हाईलाइट करते हुए प्रजेंटेशन भी दे सकते हैं। नए प्रयोग किए हों, तो उनका जिक्र जरूर करें।

-  अप्रैज़ल फॉर्म : अपने अप्रैज़ल फॉर्म की कॉपी साथ रखें। इसमें मिली रेटिंग से संतुष्ट न हों, तो इस पर अपना पक्ष भी मजबूती से रखें।

-  प्रत्याक्रमण : अगर मीटिंग में आपके काम पर सवाल उठाए जाएं, अपनी परफॉर्मेंस तफसील से बयान करें और बताएं कि कैसे आपने दिए गए लक्ष्य पूरे किए हैं।

-  फीडबैक : इस मीटिंग के फीडबैक का इस्तेमाल अपने काम में सुधार के लिए करें और मीटिंग सकारात्मक नोट पर खत्म करें।

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  • Web Title:समीक्षा का वक्त