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पश्चिमी उप्र में आबकारी महकमे पर कसा शिकंजा

बीते दो महीनों में सहारनपुर में जहरीली शराब पीने से हुई करीब तीन दजर्न मौतों के बाद आबकारी महकमे पर शिंकजा और कसा जा रहा है। दो अलग-अलग हादसों में स्प्रिट से बनी जहरीली शराब पीने से हुई इन मौतों के बाद सहारनपुर के जिला आबकारी अधिकारी एस.पी.सिंह और एक इंस्पेक्टर को निलम्बित कर दिय गया था। उनके स्थान पर सुभाष कुमार को सहारनपुर का नया जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया है।

बजरंग बहादुर सिंह को बतौर निरीक्षक वहाँ तैनात किया गया है।  इसी तरह दूसरे हादसे में यह खुलासा होने के बाद कि सहारनपुर में हुई तीन मौतों के मामले में यह खुलासा हुआ था कि उक्त जहरीली शराब मुजफ्फरनगर से लाई गई थी। मामले की जाँच में वहाँ के जिला आबकारी अधिकारी स्कंध सिंह को हटाकर बिजनौर में अभियोजन कार्य में लगा दिया गया था।

स्कंध सिंह मूलत: निरीक्षक थे, उनकी जगह पर पलिया लखीमपुर खीरी के असिस्टेंट कमिश्नर आलोक कुमार को मुजफ्फरनगर का नया जिला आबकारी अधिकारी बनाया गया। इन दो हादसों के बाद अब पूरे पश्चिमी उ.प्र.में स्प्रिट की लीकेज और इस चोरी की स्प्रिट से बनने वाली तथा कच्ची देसी शराब,दूसरे राज्यों से तस्करी करके लाई जाने वाली अंग्रेजी शराब की रोकथाम के लिए सभी जिला आबकारी अधिकारियों व संयुक्त आबकारी आयुक्तों को सख्त निर्देश जारी किये गए हैं।

इन निर्देशों के तहत ही दीपावली के मौके पर आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, बरेली, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर आदि जिलों में आबकारी कर्मियों की टीमें दिनरात सक्रिय रहीं। जिला आबकारी अधिकारियों से साफ कह दिया गया है कि अगर उनके इलाके में कहीं कोई हादसा हुआ या अनियमितता पकड़ी गई तो उन्हें भी नहीं बख्शा जाएगा।

त्योहारों के मद्देनजर 12 से 18 अक्टूबर तक पूरे राज्य में विशेष आबकारी प्रवर्तन मुहिम भी चलाई जा रही है। इस मुहिम के तहत चढ़ी भट्टियों से शराब बनाने वाले पेशेवर अपराधियों तथा स्प्रिट के टैंकर चालकों पर खास निगाह रखी जा रही है।

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