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यूपीटीयू के लगभग दो दर्जन कालेज संकट में

उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) से संबद्व निजी क्षेत्र के इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन कॉलेजों में 40 हजार से अधिक सीटें खाली रह गयी हैं और लगभग दो दर्जन इंजीनियरिंग कॉलेजो के सामने बंद होने की नौबत आ गयी है।

विश्वविद्यालय के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यूपीटीयू से संबद्व 598 कॉलेजो के सत्र 2009-10 में विभिन्न पाठयक्रमों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा होने के बाद हुई काउंसलिंग में लगभग 42 हजार सीटें खाली रह गयी हैं।

सूत्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्व कालेजों में बीटेक] बी फार्मा] एम़सी़ए और प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पाठयक्रमों की कुल 1.14 लाख सीटें हैं। इनमें से 42 हजार से अधिक सीटें रिक्त पड़ी हैं क्योंकि छात्रों ने प्रवेश ही नहीं लिया।

सूत्रों ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाने के बाद विश्वविद्यालय ने इंजीनियरिंग कॉलेजों को अपने स्तर से, उन छात्रों को भी दाखिला देने की अनुमति दे दी है जो किसी कारण से परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे अथवा प्रवेश परीक्षा के बाद काउंसेलिंग में शामिल होने के लिए निर्धारित अंक नहीं पा सके थे।

उन्होंने बताया है कि हालांकि इन कॉलेजों की रिक्त सीटों की वास्तविक संख्या नवम्बर के दूसरे सप्ताह में कॉलेजों में हुए दाखिलों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही मालूम हो पायेगी मगर लगभग दो दजर्न कॉलेजों के सामने बंदी का संकट खड़ा हो सकता है।

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