DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अफ्रीका में भारत की चीन से प्रतिस्पर्धा नहीं: थरूर

अफ्रीका में भारत की चीन से प्रतिस्पर्धा नहीं: थरूर

विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ भारत के संबंधों का अफ्रीकी महाद्वीप में चीन की गतिविधियों से कोई सरोकार नहीं है तथा अफ्रीका संबंधी नीतियों को लेकर नई दिल्ली की बीजिंग से कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है।

थरूर ने न्यूयार्क की पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान कहा कि जहां तक हमारा सवाल है, तो अफ्रीकी देशों के साथ हमारे संबंधों का इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि चीन वहां क्या कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन रिश्तों को तीसरे देश के संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए।

थरूर ने कहा कि अफ्रीकी देशों में विकास और पुनर्निर्माण कार्यों में न केवल भारत और चीन के, बल्कि पश्चिमी देशों के योगदान की भी जरूरत है। उन्होंने कहा प्रतिस्पर्धा मुद्दा नहीं है। थरूर ने कहा हम अफ्रीका में जो कुछ कर रहे हैं, वह इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हम यह मानते हैं कि करने के लिए यह सही काम है। अफ्रीका ऐसा स्थान है जहां भारत महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

थरूर लाइबेरिया के दौरे के बाद इस सप्ताह पश्चिम अफ्रीकी देश बेनिन जा रहे हैं। भारत सरकार की नीति अफ्रीका में निजी सेक्टर की अगुवाई करने की है। वहां चीन, खास तौर पर ढांचागत सुविधाओं के क्षेत्र में पहले ही अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कर रहा है।

अफ्रीकी देशों के आधिकारिक दौरे पर थरूर के साथ उद्योगपतियों का एक प्रतिनिधिमंडल गया है। बहरहाल, थरूर ने कहा कि उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल की यह सोच नहीं है कि वह लोग एक नए देश में बड़े सौदे के लिए सरकारी कार्यक्रम में जा रहे हैं। उन्होंने कहा इसके बजाय, हम यह कह रहे हैं कि हमें बताइये कि आपकी जरूरत क्या है और क्या हमारा निजी क्षेत्र इस जरूरत को पूरा कर सकता है तो उनसे बातचीत की जाए।

पश्चिम एशिया के बारे में थरूर ने कहा कि खाड़ी देशों के साथ भारत के पहले ही अच्छे संबंध हैं। ये संबंध तेल और गैस के निर्यात पर आधारित हैं। वहां भारतवंशियों की संख्या भी अच्छी खासी है। अब भारत वहां निवेश सहित बातचीत के अन्य क्षेत्रों की तलाश कर रहा है। थरूर ने भारत में निवेश के लिए समर्थ देशों को आमंत्रित किया ताकि कुछ विकसित देशों की तुलना में बेहतर रिटर्न सुनिश्चित किया जा सके।

विदेश राज्य मंत्री ने कहा निवेश समर्थ देश भारत आ कर हमारी बढ़ती अर्थव्यवस्था में निवेश कर सकते हैं। हमारी अर्थव्यवस्था और ढांचागत सुविधाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पश्चिम एशियाई देशों के बीच भू-राजनीतिक सहयोग की अच्छी संभावना है क्योंकि इनके बीच अभी कई क्षेत्रों में रणनीतिक विभिन्नता नहीं है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अफ्रीका में भारत की चीन से प्रतिस्पर्धा नहीं: थरूर