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पहले टेस्ट में खेलूंगा या नहीं, पता नहीं : बालाजी

लक्ष्मीपति बालाजी ने पीठ की चोट के बाद लगभग तीन साल गुमनामी में गुजार दिए। अब एक बार फिर उन्हें मौका मिला है। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीा के लिए उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया है। अब इस सीरीा पर निगाह लगाए हैं तेज गेंदबाज बालाजी। बुधवार से पहला टेस्ट खेला जाने वाला है लेकिन दाएं हाथ के इस गेंदबाज को नहीं पता कि वह इसमें खेलेंगे भी या नहीं। बालाजी कहते हैं कि वह इसके लिए ज्यादा उतावले भी नहीं हैं। हां, जब भी मौका मिलेगा वे अपना बेस्ट देने की कोशिश करंगे और इसी के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। चेहर पर चमकीली मुस्कान के साथ उन्होंने कहा, ‘अभी एसा कोई संकेत नहीं है कि मैं खेलूंगा फिर भी अभी एक दिन बाकी है। मैं रिलेक्स हूं और मौका मिलने के इंतजार में हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने कोई उम्मीदें नहीं पाली हैं। पिछले दो साल में मुझे जो भी चांस मिला उसमें मैंने अपनी बॉलिंग को एंजॉय किया है। जब तक मैं खुद की बॉलिंग को एंजॉय करता रहूंगा, मुझे पता है कि मैं अच्छा करूंगा। मुझे मैचों का इंतजार है और जब-ाब मैं भारत के लिए खेलूंगा अपना शत-प्रतिशत दूंगा।’ बालाजी कहते हैं कि उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी के लिए बहुत मेहनत की है। और अब वापसी हो गई है तो वे भारतीय ड्रेसिंग रूम को एंजॉय कर रहे हैं। ‘मैंने पिछले दो साल में बहुत मेहनत की है। यह बहुत लम्बा समय रहा। हर क्रिकेटर को अपने करियर में एसे दौर से गुजरना पड़ता है। यह हर खेल का हिस्सा है। आपको इसे स्वीकार करते हुए आगे बढ़ना होता है।’ 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट खेलने वाले बालाजी ने कहा, ‘मुझे बड़ी सीरीा का इंतजार है। टीम में वापसी अच्छी बात है और मैं टीम के माहौल को एंजॉय कर रहा हूं।’ 27 साल के तेज गेंदबाज ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने प्रैक्िटस मैचों में जो खेलने का मौका दिया उससे मुझे और साथी खिलाड़ियों को काफी फायदा हुआ है। उन्होंने कहा, ‘यहां की परिस्थितियों और पिचों से रूबरू होने के लिए यह अच्छा अनुभव और एक्सपोजर था। मुझे लगता है कि यह बोर्ड का अच्छा मूव था कि (वीवीएस) लक्ष्मण, राहुल (द्रविड़) और अन्य को भी मैच से पहले थोड़ी-बहुत मैच प्रैक्िटस का मौका मिल गया। इससे बहुत फायदा होगा।’ यहां कि पिचों के बार में बालाजी का मानना है कि एशिया और न्यूजीलैंड की विकेटों में बड़ा अंतर है। बालाजी ने इस बार में विस्तार से बताया, ‘एशियाई विकेटों पर गेंद आसानी से बल्ले पर नहीं आती इसके आपको ज्यादा जोर लगाना होता है। लेकिन यहां जब आप ऊपर बॉल डालते हैं तो वह भी अपना असर दिखाती है।’ ‘ऑकलैंड में खेले गए पिछले वनडे में भी गेंदबाजों को विकेट से थोड़ी-बहुत मूवमेंट मिल रही थी जब वह ऊपर गेंद डाल रहे थे। यहां लेंथ एडजस्ट करना बहुत महत्वपूर्ण है। गेंद ओवरपिच नहीं डालनी है। उस लेंथ पर डालनी है जहां बल्लेबाज डबल माइंड हो।’ उन्होंने कहा कि वह किसी भी विकेट पर गेंद डालने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने यहां विकेट नहीं देखी है। बॉलर को कोई भी कंडीशन मिले उसे अच्छी गेंद डालनी होगी। मुझे भी मैच खेलने और बॉलिंग का इंतजार है।’ वनडे सीरीा में भारत का दबदबा रहने के बाद भी बालाजी कीवी टीम को प्रतियोगी टीम मानते हैं। कहते हैं, ‘उनकी टीम बहुत अच्छी है। पिछले कुछ सालों में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और कुछ अन्य अच्छी टीमों को हराया है। अच्छी ऑलराउंड टीम है। उन्हें दबाव में लाना अच्छी-खासी चुनौती होगी। हमें पता है कि वे अपनी घरलू कंडीशन में अच्छी टीम है। हमें उन्हें अच्छी फाइट देनी होगी।’

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