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राजरंग

पाावर के सब पूछत भाई! है इन दिनों बाबा की कृपा उन पर नहीं है। देवी के परम भक्त पूर्व वजीर आला की कभी यूपीए सरकार, तो कभी एनडीए सरकार में तूती बोलती थी। दो-दो टर्म मंत्री रहते बाबा की कृपा से काफी संपत्ति कमायी। रांची से लेकर बाबा नगरी में जमीन जायदाद खड़े किये। मगर लग गयी दुश्मनों की निगाहें। लगातार निगरानी का छापा पड़ने लगा। नेता जी दौड़े-दौड़े बाबा के दरबार गये। बाबा ने सपना दिया। वत्स, समय का चक्र है। क्या करोगे। सब ठीक हो जायेगा। कहां चले थे यूपीए की सरकार बनाने.. सब गुड़ गोबर हो गया है। अब उनका रांची का दरबार हो या बाबा नगरी का। सब जगह उदासी छायी है। नेताजी अपने चेले-चाटियों से कहते हैं : अर, यही है राजनीति। पावर था तो सभे पूछते थे। पावर गया, विपत्ति आयी, तो कोई पूछनेवाला नहीं। दोस्त भी पराये हो गये। फोन करने पर फोन तक काट देते हैं।

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