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प्रदेश में एक और विश्वविद्यालय बनेगा

गढ़वाल विवि के केंद्रीय विवि बनने के बाद इससे संबद्ध महाविद्यालयों के लिए अलग से विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। राज्य में शिक्षा समिति अथवा उच्च शिक्षा आयोग का भी गठन होगा। इससे सरकार को उच्च शिक्षा में रिक्त पदों पर नियुक्तियों के लिए राज्य लोक सेवा आयोग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल ने आज सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग की बैठक आयोग की भर्तियों को लेकर हीलाहवाली के बाद यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिक्त 583 पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग को उच्च शिक्षा विभाग में रिक्त पदों के सापेक्ष 583 पदों पर भर्तियों के लिए भेजे गए अधियाचन को वापस मंगाकर राज्य स्तर पर गठित होने वाली शिक्षा समिति अथवा उच्च शिक्षा आयोग के जरिए इन पदों को भरा जाए।

उन्होंने अंशकालिक, संविदा व विजिटिंग प्रवक्ता तथा तदर्थ रूप से नियुक्त शिक्षकों की समस्याओं पर गहन विचार विमर्श कर तत्काल उसके निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने निदेशालय स्तर पर रिक्त संयुक्त निदेशक के पद को भी शीघ्र भरने तथा पात्र कार्मिकों की पदोन्नति के लिए भी कहा।

उन्होंने कहा कि छह महाविद्यालयों में प्राचायों के पद सृजित करने के लिए एक माह के भीतर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर इन्हें भरा जाए। राजकीय महाविद्यालय गरुड़ व गुप्तकाशी में एक भी पद सृजित न होने पर उन्होंने आश्यर्च जताया और कहा कि जल्द इस संबंध में भी कार्रवाई की जाए।

डा. निशंक ने कहा कि गढ़वाल विवि के केंद्रीय विवि बन जाने के कारण इससे संबद्ध राज्य के महाविद्यालयों की संबद्धता के लिए अलग से विवि की स्थापना की जाएगी। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। जिससे उसे कैबिनेट बैठक रखा जा सके। उन्होंने गढ़वाल विवि की केंद्रीय विवि को स्थानांतरित की गई संपत्तियों के एवज में मानव संसाधन विकास मंत्रलय को एक हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए।

विवि में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का भी स्थायीकरण किया जाए। उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की कि 53 महाविद्यालयों में एडुसेट के उपकरण पिछले तीन साल से खरीदने के बावजूद अभी तक उन्हें स्थापित नहीं किया गया है। उन्होंने इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की।

गुणवत्ता सुधार के लिए भी प्रस्ताव मांगे। बैठक में उच्च शिक्षा के ओएसडी आरके सिंह ने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए संविदा पर किसी विधि अधिकारी की तैनाती का सुझाव दिया। बैठक में उच्च शिक्षा की अपर सचिव राधिका झा आदि अधिकारी मौजूद थे।

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