अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

चुनाव की तैयारी में

राज्य में कामकाज ठप सा हो गया है। वित्तीय वर्ष समाप्ति में 14 दिन ही बचे हैं। चुनाव आचार संहिता के कारण विकास के नये द्वार बंद हैं। नये कार्यो के लिए स्वीकृत्यादेश भी जारी नहीं हो रहा है।ड्ढr राज्य के 75 बड़े अफसर निर्वाचन आयोग के मातहत होकर ट्रेनिंग में चले गये हैं। जो राज्यक र्मी चुनाव में नहीं लगे हैं, उनमें से अधिकांश नये वेतनमान निकालने में जुटे हैं। नया वेतनमान और इसके बकाये के लिए सरकार ने 1268 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। 31 मार्च तक इसे निकाल लेने की अनिवार्यता है। इस कारण अधिकारी-कर्मचारी वेतन के काम में पूरी दिलचस्पी ले रहे हैं। सरकारी विभागों में कामकाज पर इसका साफ असर दिखने लगा है।ड्ढr मार्च में विकास कार्यो पर पड़ रहे इस विपरीत असर को लेकर सरकार के शीर्ष स्तर पर भी चिंता जतायी जा रही है। विकास के प्रति चिंतित अधिकारियों का कहना है कि मार्च ही नहीं अप्रैल और मई का महीना भी इसी तरह गुजरने की संभावना है। जबकि झारखंड में विकास के काम के लिए मई तक का समय सबसे बेहतर माना जाता है। जून से मानसून के आते ही अक्तूबर तक फिर गति धीमी हो जाती है। पर चुनाव आचार संहिता के कारण उनके हाथ बंधे हैं। 16 मई तक इससे निकलने का कोई रास्ता भी नहीं दिख रहा है। ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: चुनाव की तैयारी में