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सूदखोर पुलिसकर्मी पर मशीनें उठाने का आरोप

सूदखोरी पर अंकुश लगाने वाली पुलिस ही इस धंधे को संचालित कर रहे हैं। शहर के एक थाने में तैनात सिपाही पर सूदखोरी का आरोप है। सिपाही ने रुपए वसूलने के लिए शहर के एक वर्कशॉप संचालक के साथ गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इससे बात न बनी तो उसने वर्कशॉप की मशीनें ही उठवा दीं। वर्कशॉप संचालक ने पुलिस कमिश्नर पीके अग्रवाल से इसकी गुहार लगाई है। कमश्निर ने गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच डीसीपी एनआईटी को सौंपी है।

मुजेसर थाना क्षेत्र के संजय कलोनी का आदम अली सेक्टर-22 में एक्सपोर्ट गारमेंट का वर्कशाप चलाता था। पिछले साल बिजनेस में घाटा होने से उसे कुछ रुपयों की जरुरत पड़ी। आरोप है कि उसने दिसंबर 2008 में मुजेसर थाने में तैनात सिपाही संजीत से पांच हजार प्रतिमाह की ब्याज दर से एक लाख रुपए उधार लिए थे। नौ महीने तक वह हर महीने ब्याज देता रहा। बीच में उसने फिर से दो बार में 50 व 20 हजार उधार लिए। इस बीच वह समय-समय पर रुपए वापस करता रहा।

आदम के मुताबिक संजीत के एक लाख 22 हजार रुपए उस पर निकलते हैं। जिसे उसने तीन किश्तों में लौटाने को कहा। लेकिन वह नहीं माना। आरोप है कि 4 सितंबर 09 को संजीत अपने कुछ गुंडों के साथ रात करीब डेढ़ बजे उसके वर्कशॉप मे आया। उससे गाली-गालौज की व करीब डेढ़ लाख रुपए की सिलाई मशीनें उठवा ले गया। भुगतभोगी ने इसकी शिकायत एसएचओ से की। लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 1 अक्टूबर को उसने पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई।

उन्होंने मामले की जांच डीसीपी एनआईटी प्रवीन कुमार मेहता को सौपी है। मामले की जांच कर रहे एसीपी तेजवीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को दोनों पक्षों को बुलाया गया था। लेकिन सिपाही संजीत के न आने से दोनों पक्षों को सोमवार को फिर से बुलाया गया है।

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