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सभी अस्पतालों में अब रोज होगा दांत का इलाज

ग्रामीण अस्पतालों में अब रोज दांत का इलाज होगा। दंत रोगियों की सुविधा के लिए सरकार ने जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रोज डेंटिस्ट बैठाने का निर्णय किया है। अनुमंडल अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में फिलहालसप्ताह में मात्र दो दिन ही डेंटिस्ट मरीजों की सेवा करते हैं।

कांट्रेक्ट पर तैनात इन डेंटिस्टों को हर सप्ताह 1000 रुपए मानदेय दिये जाते हैं। इस हिसाब से महीने में डेंटिस्ट को मात्र 4000 रुपए ही मिल पाता है। इस निर्णय से रोज के वेतनमान पर तैनात डेंटिस्टों को महीने में 12000 रुपए मानदेय मिल सकेंगे।

फिलहाल डाक्टर नहीं रहने से गांव के मरीजों को जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है। हालांकि सरकारी स्तर पर डेंटिस्टों की हालत अच्छी नहीं है। सूबे के अस्पतालों में डेंटिस्टों के 641 पद स्वीकृत है जिसमें मात्र 19 स्थायी डाक्टर ही काम कर रहे हैं। इसमें 13 जिला स्तर के अस्पताल और 6 मेडिकल कॉलेज में पदस्थापित हैं।

सूबे के एकमात्र सरकारी डेंटल कॉलेज अस्पताल में डाक्टरों के 32 पद स्वीकृत हैं जिसमें 6 डाक्टर ही पदस्थापित हैं। इसके अतिरिक्त 125 डेंटिस्ट कांट्रेक्ट स्तर पर तैनात किये गये हैं जिनसे सप्ताह में दो दिन ही सेवा ली जा रही है। ऐसे ही डेंटिस्टों की सेवा अब सप्ताह में छह दिन लेने का निर्णय किया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री नन्दकिशोर यादव ने कहा कि गांव स्तर पर ही मरीजों को दांत की सेवा उपलब्ध कराने के लिए छहों दिन डेंटिस्टों को अस्पताल में तैनात करने का निर्णय किया गया है। मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है। 

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