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बेकार पड़े 1243 अस्पताल फिर से होंगे चालू

सूबे के बेकार पड़े 1243 अस्पताल फिर से चालू होंगे। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी अब मरीज जुटेंगे। नीतीश शासन के चार वर्ष पूरे होने पर सरकार ने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डाक्टरों की प्रतिनियुक्ति करने का निर्णय किया है। नर्स की स्थायी तैनाती की जा रही है। हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में तैनात डाक्टर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ओपीडी करेंगे।

आवश्यकता वाले मरीजों को वहीं दवा भी देंगे। यहां आये माइनर सर्जरी की जरुरत वाले मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और मेजर सर्जरी वाले मरीजों को जिला अस्पतालों या मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में रेफर किया जाएगा। पहली नवम्बर से यह नई व्यवस्था लागू होगी। 

प्रदेश में 1243 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है जो अभी बेकार पड़े हैं। अस्पताल भवन एवं आवश्यक जमीन के बावजूद डाक्टरों के अभाव में वहां सिर्फ टीकाकरण होता है। सप्ताह में तीन दिन अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डाक्टरों के बैठने से प्रखंड मुख्यालयों में अवस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजों की भीड़ कम होगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के डाक्टरों को छोटे-मोटे रोग से पीड़ित मरीजों से भी मुक्ति मिलेगी।

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव सीके मिश्र ने कहा कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को फिर से पटरी पर लाने का निर्णय किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को मजबूत करने के बाद अब बारी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की ही है। 1243 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डाक्टरों के बैठने से स्थानीय स्तर पर गांव के मरीजों को लाभ मिलेगा।

सथी जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जनों को इस नई व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी को कहा गया है कि उनके अस्पताल में मौजूद सभी दवाएं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी बांटी जाएगी। ऐसे में दवाओं के वितरण के मामले में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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