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उद्योगः किसी ने इस तरफ ध्यान हीं नहीं दिया

कृषि पर आश्रित बिहार के अधिकतर उद्योग-धंधे बटवारे के समय झारखंड में चले गए और बचे हुए ज्यादातर उद्योग अब कृषि पर ही निर्भर हैं। फिर चाहे वह चीनी उद्योग हो या वस्त्र, जूट, तंबाकू, चावल-दाल मिल, आटा चक्की मिलें, तेल मिल आदि। आजादी के बाद 1946 ई. में बरौनी में खाद कारखाना बनाया गया था। इसके अलावा रूस की सहायता से बरौनी तेल शोधक कारखाना, मुंगेर में रेलवे वर्कशॉप और भारत बैगन एवं इंजीनियरिंग कम्पनी लिमिटेड के अलावा केन्द्र सरकार ने इस राज्य की ओर ध्यान ही नहीं दिया। दूसरी ओर राज्य सरकार ने भी सरकारी उद्योग लगाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। तीसरी ओर बिहार की लगातार बिगड़ती आई कानून व्यवस्था ने निजी उद्योगों को यहां पनपने नहीं दिया। जो कुछ उद्योग यहां लगे उन्होंने भी अपना कार्यक्षेत्र सीमित ही रखा। निजी उद्योग के नाम पर बिहार में रोहतास इंडस्ट्रीज लिमिटेड (डालमिया नगर), अशोक पेपर मिल (दरभंगा), हिन्द इंजीनियरिंग कंपनी (बरौनी) जैसे कुछ ही नाम सामने आते हैं।

कृषि पर आधारित उद्योग

चीनी उद्योग- बिहार में २5 से ज्यादा चीनी मिलें हैं जो उत्तरी बिहार के दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीवान, सारण, पूर्वी-पश्‍चिमी चम्पारण, शाहाबाद, गया, पटना, तथा पूर्णिया जिले में स्थित हैं।

वस्त्र उद्योग- बिहार में वस्त्र उद्योग के अन्तर्गत सूती वस्त्र उद्योग, ऊनी वस्त्र उद्योग, रेशमी वस्त्र उद्योग तथा कृषि रेशा वस्त्र उद्योग आदि हैं।
सूती वस्त्र उद्योग- यह उद्योग गया, फूलवारी शरीफ, डुमरॉव, मोकामा, पटना, मुंगेर, भागलपुर, मधुबनी और मुजफ्फरपुर में फैला हुआ है।
रेशम उद्योग- बिहार में केवल तसर और अण्डी रेशम का उत्पादन होता है जिसका उत्पादन भागलपुर क्षेत्र में होता है।

जूट उद्योग- यह भारत में सबसे अधिक विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला प्रमुख उद्योग है। यह उद्योग पूर्णिया, कटिहार और दरभंगा में स्थित है।

तम्बाकू उद्योग- बिहार देश का तम्बाकू उत्पादन में छठा बड़ा राज्य है। यहां दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मुंगेर और पूर्णिया जिलों में तम्बाकू उत्पादित किया जाता है। सिगरेट का सबसे बड़ा कारखाना मुंगेर जिले के दिलवारपुर नामक स्थान पर है। मुंगेर, गया, पटना, आदि प्रमुख बीड़ी केन्द्र हैं।

चावल और दाल मिल- बिहार राज्य में दाल और चावल की अधिकतर मिलें शाहाबाद और चम्पारण जिले में स्थित हैं। रक्सौल, उदापुर, घोडा साहन, नरकटियागंज, भैरोगंज, रामनगर, मुंगेर, दाऊद नगर, किशनगंज आदि स्थानों में मिले हैं।

आटा चक्‍की मिलें- बिहार में गेहू से आटा, मैदा व सूजी और दलिया बनाने के कारखाने हैं। इसकी संख्या अनुमानित 2000 से 3000 मिलें स्थित हैं।

तेल मिल- बिहार में तीसी, सरसों, राई, तिल और रेडी आदि तिलहन फसलें उगाई जाती हैं। इसकी सम्पूर्ण बिहार में 500 मिलें स्थित हैं जिसमें अधिकांश पटना, गया, शाहाबाद और मुंगेर में केन्द्रित हैं।


वन्य पदार्थों पर आधारित उद्योग
लकड़ी उद्योग, कागज और लुग्दी उद्योग तथा लाख उद्योग हैं।

अन्य उद्योग निम्न हैं-
* लाख उद्योग-गया, पूर्णिया
* तेल मिल- पटना, गया, मुंगेर, शाहाबाद
* कागज व लुग्दी उद्योग- डालमिया नगर, समस्तीपुर, दरभंगा, पटना, बरौनी आदि
* प्लाईवुड के कारखाने- हाजीपुर
* चमड़ा उद्योग- गया, दीघा एवं मोकामा
* सीमेन्ट उद्योग- डालमिया नगर, खेलारी
* तम्बाकू उद्योग- मुंगेर, बक्सर, गया, आरा
* शराब कारखाना- मुंगेर, पटना, मानपुर, पंचरूखी आदि
* विद्युत बल्ब व शीशा उद्योग- पटना
* बन्दूक उद्योग- मुंगेर
* बटन उद्योग- मेहसी दलसिंह सराय
* दियासलाई- कटिहार
* कम्बल उद्योग- गया, पूर्णिया, औरंगाबाद एवं मोतिहारी
* बीड़ी उद्योग- बिहार शरीफ, झाझा, जमुई
* हथकरघा उद्योग- मधुबनी, भागलपुर, बिहार शरीफ, गया, पटना, मुंगेर
* बर्तन उद्योग- सीवान, बिहटा

बिहार स्थित केन्द्र सरकार के औद्योगिक उपक्रम
1. बरौनी खाद कारखाना- यह 1946 ई. में स्थापित किया गया।
2. बरौनी तेल शोधक कारखाना- यह बरौनी में रूस की सहायता से स्थापित किया गया।
3. रेलवे वर्कशाप- जमालपुर (मुंगेर)
4. भारत बैगन एवं इंजीनियरिंग कम्पनी लिमिटेड- मोकामा

बिहार राज्य सरकार के सार्वजनिक प्रबन्ध के औद्योगिक प्रतिष्ठान
1. बिहार स्टेट क्रेटेड एण्ड एन्वेस्टमेन्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना
2. बिहार स्टेट हैण्डलूम पावरलूम हैण्डीक्राफ्ट डवलपमेण्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना
3. बिहार स्टेट स्कूटर्स लिमिटेड, फतुहा
4. बिहार स्टेट इंडस्ट्रियल डवलपमेण्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना

निजी प्रबन्ध के उद्योग
1. रोहतास इंडस्ट्रीज लिमिटेड, डालमिया नगर
2. अशोक पेपर मिल, दरभंगा
3. हिन्द इंजीनियरिंग कम्पनी, बरौनी

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