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शहरी निकाय के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव पर जुर्माना!

फरीदाबाद नगर निगम से जुड़ी एक सूचना को देरी से देने पर राज्य सूचना आयोग ने शहरी स्थानीय निकाय के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव हरियाणा को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। जिसमें माकूल जवाब न देने की एवज में सचिव पर आयोग ने 250 रुपए रोजाना या फिर 25 हजार रुपए जुर्माना लगाने की हिदायत दी है।
प्रधान सचिव के खिलाफ सूचना आयोग के सख्त रवैये को देखते हुए निगम अधिकारी सूचना की अर्जियों की सूचना समय पर देने की तैयारी में जुट गए हैं। इनको चिंता सताने लगी, कि कहीं सूचना आयोग की गाज उन पर भी न गिर जाए।


दरअसल, समाजसेवी सुरेश गोयल ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लगाने के लिए मैकेनिकल के पांच जूनियर इंजीनियर भर्ती करने के प्रस्ताव को लेकर शहरी स्थानीय निकाय के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव से आईटीआई के तहत 13 मई 2009 को सूचना मांगी। सूचना न मिलने पर आवेदक ने आठ जुलाई 2009 को सूचना आयोग में अपील कर दी। इस दरमियान 26 अगस्त को वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव ने आवेदक को सूचना दे दी, जो आवेदक को देरी से मिली।


सूचना आयोग ने वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव को देरी से सूचना देने पर आईटीआई अधिनियम की धारा 20(1) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिसमें 10 नवंबर 2009 को पेश होने के आदेश दिए हैं। सूचना आयोग ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा है कि देर से सूचना देने पर 250 रुपये प्रतिदिन या फिर 25 हजार रुपये का जुर्माना आप पर क्यों न लगा दिया जाए। इस बाबत व्यक्तिगत तौर पर पेश होकर स्पष्टीकरण दें। माकूल जवाब न देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि नगर निगम के सदन में प्रस्ताव पास करवाकर निगम प्रशासन ने इंजीनियरों की भर्ती का मामला सरकार के पास भेज दिया था।

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