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दो और अभियंता सस्पेंड

सोनला हाईड्रम घोटाले में गुरुवार को लघु सिंचाई विभाग के दो और खिलाड़ी क्लीन बोल्ड हो गए। एचओडी एसए असगर के बाद इस समय पौड़ी के अधिशासी अभियंता व प्रभारी एसई ब्रजेश गुप्ता और चमोली में तैनात जेई बीडी बेंजवाल को भी संस्पेंड कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने सचिवालय में पत्रकारों को बताया कि गुप्ता और बेंजवाल को भी सस्पेंड कर दिया गया है। संसदीय सचिवों के शपथग्रहण समारोह के बाद यह मामला मीडिया ने मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है और भ्रष्ट अफसरों को सरकार दंड़ित करेगी।
2005 में जारी की गई गाइडलाइन में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि किसी भी योजना के घोटाले में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता पूरी तरह से दोषी होंगे।

एक घोटाले के लिए किसी एक को नहीं बल्कि तीनों को दंड़ित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों इन दोनों अभियंताओं की पत्रवली तलब की। पिछले दो दिन से ब्रजेश गुप्ता और बीडी बेंजवाल की फाइलें सचिवालय में ढूंढे नहीं मिल रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री सख्त हुए तो दोनों को सस्पेंड कर दिया गया।
ब्रजेश गुप्ता सोनला हाईड्रम योजना के समय सहायक अभियंता थे। पिछले दिनों लघु सिंचाई विभाग के तत्कालीन

सचिव विनोद फोनिया की टिप्पणी को पूरी तरह से अनदेखा कर विभागीय मंत्री मातबर सिंह कंडारी के आदेश पर प्रमुख सचिव विनिता कुमार ने गुप्ता को पौड़ी का अधिशासी अभियंता बनाने के साथ ही प्रभारी एसई पौड़ी भी बना दिया था। जबकि चमोली जिला एसई पौड़ी के मातहत आता है। चमोली में ही सोनला हाईड्रम घोटाला हुआ। और, इस घोटाले में ब्रजेश गुप्ता स्वयं भी दोषी साबित हो चुके थे।

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