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प्रमुख सचिव चिकित्सा के विरुद्ध अवमानना का आरोप निर्धारित

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अवमानना के मामले में प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण प्रदीप शुक्ला के विरुद्ध अवमानना एक्ट की धारा 12 के अन्तर्गत आरोप विरचित कर दिया है। न्यायालय ने शुक्ला से पूछा है कि वह आगामी 27 अक्तूबर तक न्यायालय को कारण स्पष्ट करें कि क्यों न उन्हें इस अदालत द्वारा पारित आदेश की अवहेलना के लिए दंडित किया जाए।

यह आदेश न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने श्रीमती शोभा शर्मा व अन्य की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को यह भी निर्देश दिया है कि अपने हलफनामा में यह भी बताएँ कि उनके खिलाफ कितने अवमानना के मुकदमे लम्बित हैं और उनकी वर्तमान में क्या स्थिति है।

अवमानना के मामले में याची का आरोप है कि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें उनको मिलने वाला वेतनमान अधिकारियों द्वारा नहीं दिया जा रहा है। याचीगण नेशनल मलेरिया उन्मूलन प्रोग्राम के अन्तर्गत हाउस विजिटर के पद पर कार्यरत हैं। याचिका पर कोर्ट अब आगामी 30 अक्तूबर को सुनवाई करेगी। याचिका पर अधिवक्ता एसडी कौटिल्य ने पक्ष रखा।

 

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  • Web Title:प्रमुख सचिव चिकित्सा के विरुद्ध अवमानना का आरोप