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प्रतिद्वंदियों और विशेष आडिटरों की नेकनीयती पर अनिल को शक

प्रतिद्वंदियों और विशेष आडिटरों की नेकनीयती पर अनिल को शक

रिलायंस कम्युनिकेशंस के अध्यक्ष अनिल अंबानी ने विशेष आडिटरों की नेकनीयती पर सवाल उठाते हुए गुरुवार को कहा कि कंपनी के खिलाफ 'दुष्प्रचार अभियान' के पीछे प्रतिद्वंद्वी हैं जो बाजार में उनके समूह की कंपनियों के शेयरों को तोड़ना चाहते हैं।

 उन्होंने कहा कि वे इस अभियान में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बाजार नियामक सेबी, साइबर अपराध पुलिस तथा अकाउंटिंग नियमाक आईसीएआई से आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि दुष्प्रचार अभियान का उद्देश्य एडीएजी के 1.1 करोड़ शेयरधारकों के विश्वास को चोट पहुंचाना तथा उनमें भय फैलाना है।
  
अंबानी का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि समझा जाता है कि सरकार द्वारा नियुक्त विशेष आडिटर ने अपनी कतिपय रपट में आर-काम पर अपनी आय के विपनन में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है तथा 300 करोड़ रुपये का लाइसेंस शुल्क का अपवंचन करने का मामला पकड़ा है। वैसे यह रपट अभी सार्वजनिक नहीं की गयी है पर लीक हुई इस कथित रपट को लेकर आरकाम आरोपों के घेरे में है।
  
अनिल ने कहा कि विशेष आडिट रपट में उठाए गए मुद्दों को वे दूरसंचार मंत्रालय तथा अन्य के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि लाइसेंस शुल्क का कोई बकाया निकलता है तो आरकाम स्वाभाविक रूप से उसका भुगतान करेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष आडिटरों ने 'पूर्वाग्रह ग्रस्त' रवैया अपनाते हुए अपने दायरे से बाहर जाकर पूरी तरह अवांछित व त्रुटिपूर्ण निष्कर्ष निकाले। आरकाम के शेयरों में बीते तीन दिन में आठ प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'कुछ लोगों ने बीते दिनों समूह के खिलाफ दुष्प्रचार व गलत सलत अभियान चलाया।'

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