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विकास कार्यों में बाधा पहुंचा रहे हैं माओवादी: गृह मंत्रालय

विकास कार्यों में बाधा पहुंचा रहे हैं माओवादी: गृह मंत्रालय

केन्द्र ने गुरुवार को कहा कि माओवादियों के तथाकथित विकास सशस्त्र मुक्ति संघर्ष से सरकार एवं निजी निवेशकों के विकास प्रयास प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि वे रेलवे और स्कूल इमारतों जैसी आधारभूत सुविधाओं को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं।

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि तथाकथित सशस्त्र मुक्ति संघर्ष, जो आम नागरिकों विशेषकर आदिवासियों की भलाई के लिए दिखावटी रूप से चलाया जा रहा है, ने पिछले दो दिनों में सरकार एवं निजी निवेशकों के विकास प्रयासों को आघात पहुंचाया है।
    
यह बयान भाकपा (माओवादी) द्वारा सुरक्षाबलों की धरपकड़ के विरोध में झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में मंगलवार और बुधवार को बुलाये गये दो दिन के बंद की पृष्ठभूमि में जारी किया गया है। गृह मंत्रालय ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, रेलवे संपत्ति, दूरसंचार टावरों, ब्लाक कार्यालयों और स्कूल इमारतों को फिर से बनाने में महीनों लग जायेंगे तथा इसके लिए अधिक संसाधन मुहैया कराये जायेंगे।
    
बयान में कहा गया कि नागरिक समाज को भाकपा (माओवादी) द्वारा चुने गये विवेकहीन हिंसा के रास्ते के नतीजों और उनके कदम से गरीबों और समाज के वंचित वर्गों पर पड़ने वाले प्रभावों पर विचार करना चाहिए।

मंत्रालय ने कहा कि उनके तथाकथित सशक्त मुक्ति संघर्ष को आगे बढ़ाने के मकसद से पिछले दो दिनों के दौरान विवेकहीन हिंसा की जानकारी में आयी 21 घटनाओं में भाकपा (माओवादी) ने व्यापक स्तर पर लोगों को मारा तथा सरकारी एवं निजी स्वामित्व वाली आधारभूत सुविधाओं को भारी क्षति पहुंचायी।

झारखंड में 13 घटनाओं की जानकारी मिली। इनमें माओवादी कार्यकर्ताओं ने तीन दूरसंचार टावर उड़ा दिये, एक इलेक्ट्रिक जनरेटर को फूंक दिया, चतरा जिले में स्कूली इमारत के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया, धनबाद डिवीजन में दानिया के समीप रेलवे पटरी को क्षतिग्रस्त कर दिया जिससे मालगाडी की 12 बोगियां पटरी से उतर गयी तथा धालमूमगढ़ में मालगाडी का इंजन क्षतिग्रस्त कर दिया।
    
माओवादियों ने दुमरी के समीप एक सड़क पुल को आशिंक रूप से उड़ा दिया, पेड़ गिराकर दुमरी गिरडीह मार्ग को रोक दिया, हजारीबाग जिले में सड़क का एक हिस्सा उड़ा दिया और गिरडीह जिले में तीन ट्रकों को फूंक दिया। सबसे जघन्य घटना में माओवादियों ने मयूरभंज जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व सांसद सुदाम मरांडी की सुरक्षा करने वाले तीन पुलिसकर्मियों को मारकर उनके शवों को क्षत-विक्षत कर दिया।

बिहार में ऐसी पांच घटनाओं की जानकारी मिली। इनमें बंसीपुर रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ की गयी और छह रेलवे कर्मचारियों को कुछ घंटे तक बंधक बनाने के बाद स्टेशन पर आग लगा दी गयी। जमुई जिले में एक स्थान पर रेलवे पटरी और मुंगेर जिले में एक ब्लाक कार्यालय की इमारत को उड़ा दिया गया। माओवादियों ने सलैया गांव में एक दूरसंचार टावर को उड़ा दिया और गांव चांदा में एक स्थानीय सड़क पर 15 मीटर चौडी खाई खोद दी।
    
पश्चिम बंगाल में तीन घटनाओं की जानकारी मिली। माओवादियों ने प्रतिरोध समिति के एक सदस्य की हत्या कर दी गयी और एक अन्य का अपहरण कर लिया। पुरूलिया जिले में एक स्थानीय माकपा नेता के मकान में तोड़फोड़ के बाद उसके आग के हवाले कर दिया गया।

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