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जिलाधिकारियों को गांवों में रहने का निर्देश

बिहार सरकार ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के साथ ही ग्रामीण इलाकों की समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए सभी जिलाधिकारियों को गांव में जाकर रहने को कहा है। 


 राज्य के मुख्य सचिव अनूप मुखर्जी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों और प्रमंडलीय अयुक्तों के साथ हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारियो से गांव में टेन्ट लगाकर रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों के गावों में जाकर रहने से वे ग्रामीण लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं से अवगत हो सकेंगे और समस्याओं का समाधान भी निकल सकेगा। 


 मुखर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ने जिलाधिकारियों को पहले ही गांव में जाकर रहने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि भागलपुर के जिलाधिकारी समय समय पर गांव में जाकर रहते है और ग्रामीणोंकी समस्याओं से रूबरू होकर उसका निदान भी करते है। अन्य जिलों के जिलाधिकारियों को भी इसी तरह गांव में कैंप करना होगा। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि गांव में टेन्ट लगाकर रहने की संस्कृति अब समाप्त हो गई है और इसे लाने में समय लगेगा। 


 मुख्य सचिव ने कहा कि गांव में टेन्ट लगाकर जिलाधिकारियों के रहने का एक मात्र उद्देश्य प्राथमिकता के आधार पर जमीन से जुड़ी समस्या स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान देना आदि है। उन्होंने कहा कि बैठक में वृद्धा और विकलांग पेंशन लोगों को उपलब्ध हो सके इस पर भी बल दिया गया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बैठक में विकास के लिए चलाए जा रहे आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम पर भी चर्चा की गई।

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