रैगिंग की घटनाओं पर सुप्रीमकोर्ट गंभीर - रैगिंग की घटनाओं पर सुप्रीमकोर्ट गंभीर DA Image

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रैगिंग की घटनाओं पर सुप्रीमकोर्ट गंभीर

सुप्रीम कोर्ट ने रैगिंग रोकने में विफल रहने पर हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश के दो कॉलेजों के रािस्ट्रार व प्रधानाचार्य को कोर्ट की अवमानना का प्रथम दृष्टया दोषी पाकर नोटिस जारी किया है। कांगड़ा (हिमाचल) के राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज में अमन कचरू की सीनियर्स ने रैगिंग के दौरान पिटाई कर हत्या कर दी थी। आंध्र प्रदश में कृषि व इांीनियरिंग कॉलेज में एक छात्रा की रैगिंग के दौरान उसे निर्वस्त्र डांस करने पर मजबूर किया गया था। अदालत ने इन नोटिसों का जवाब दो हफ्ते में माँगा है।ड्ढr जस्टिस अरिाित पसायत और एके गांगुली की खंडपीठ ने यह नोटिस कोर्ट की सहायता के लिए नियुक्त अतिरिक्त सॉलिसिटर गोपाल सुब्रमण्यम की विशेष अर्जी पर जारी किए। अमन कचरू की मौत पर गुस्सा जाहिर करते हुए खंडपीठ ने कहा, ‘हमारी आशंकाएँ सही साबित हुईं। समय आ गया है कि ऐसे संस्थानों को सहायता से पूरी तरह वंचित कर दिया जाए।’ड्ढr खंडपीठ ने हिमाचल प्रदेश तथा आंध्रप्रदेश के मुख्य सचिवों को नोटिस भेजकर पूछा है कि रैिगग न रोक पाने वाले इन संस्थानों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। दोनों राज्यों के डीाीपी को नोटिस जारी कर रैगिंग करने वालों के खिलाफ हुई आपराधिक कार्रवाई और उसकी स्थिति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यों के शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को भी नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया से भी पूछा है कि अमन का समय पर तथा ध्यानपूर्वक इलाज न करने वाले डाक्टरों के खिलाफ वह क्या कदम उठाने जा रही है। मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी। मैं चाहता हूँ कि यह मामला सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए एक नजीर बने। उन्हें यह समझ आए कि सुप्रीमकोर्ट के आदेश सिर्फ फाइलों में सजाने के लिए नहीं हैं। उन्हें इनका सख्ती से पालन भी सुनिश्चित करना होगा। छात्रों को भी यह समझना होगा कि अब इस अपराध को और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।ड्ढr राजेंद्र काचरू (अमन के पिता) यूजीसी ने अनुदान रोकने की धमकी दीड्ढr चंडीगढ़। रैगिंग के दौरान एक छात्र की मौत ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को भी व्यथित कर दिया है। आयोग ने चेतावनी दी है कि रैगिंग रोकने में विफल कॉलेजों का अनुदान रोक दिया जाएगा। आयोग की संयुक्त निदेशक हरमिंदर कौर ने कहा कि रैगिंग के दोषी छात्रों को बचाने वाले और ऐसी घटनाओं को रोकने में विफल कॉलेजों का वित्तीय अनुदान रोका जाएगा। अगले सत्र से रैगिंग रोकने के लिए कई और सख्त नियम बनाए जाएँगे। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। आयोग ने पिछले साल कॉलेजों से कहा था कि वह रैगिंग रोकने के लिए अपने प्रोस्पेक्टस में इसके लिए दी जाने वाली सख्त सजा का भी जिक्र करं।

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