DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मॉन्यूमेंट वॉच में चुनी गई प्रदेश की पहली इमारत

 

 

राजा महमूदाबाद की कोठी, किला महमूदाबाद वर्ल्ड मॉन्यूमेंट्स वॉच में शामिल हो गया है। यह यूपी की पहली इमारत है जिसका चयन न्यूयॉर्क की इस गैर सरकारी संस्था ने किया है। वर्ल्ड मॉन्यूमेंट्स वॉच इसकी देखरेख के लिए अब आर्थिक और तकनीकी सहायता देगा।

वर्ल्ड मॉन्यूमेंट्स वॉच ने ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण के लिए 1996 से सहायता देनी शुरू की है। इनमें खासकर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की उन इमारतों को चुना जाता हैं, जिन्हें सरकार सहयोग नहीं देती हैं। राजा महमूदाबाद मुहम्मद आमिर मुहम्मद खान और इस इमारत को नामित करने वाले कंजर्वेशन आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ल्ड मॉन्यूमेंट्स वॉच में इमारतों के चयन के दो मुख्य आधार होते हैं। पहला पुरातत्व की दृष्टि से इमारत का सौन्दर्य और दूसरा जीवन्त परम्पराएं। आशीष बताते हैं कि किला महमूदाबाद के चयन में मुख्य भूमिका इसकी जीवन्त परम्पराएं रही हैं। अपने निर्माण काल से अब तक यह किला स्वतंत्रता आन्दोलन, संस्कृति, संगीत और साहित्य का केन्द्र रहा है। राजा महमूदाबाद ने बताया कि आर्थिक सहायता के साथ तकनीकी सहायता का विशेष महत्व है। सामान्य तौर पर हम सीमेंट और बालू से इमारतों की मरम्मत करा देते हैं। लेकिन तकनीकी विशेषज्ञ यह देखेंगे कि उस समय किस पदार्थ का इस्तेमाल हुआ था। उसके समकक्ष पदार्थ जो आसपास मुहैया हो, उसका इस्तेमाल मरम्मत में किया जाए तो वह अधिक उपयोगी होता है। वर्ल्ड मॉन्यूमेंट वॉच ने इस साल देश की अन्य तीन इमारतों को चुना हैं। यह इमारतें हैं-चिकतन कैसल कारगिल, डेकेन नामग्याल गोंपा मठ और सिविक सेंटर शिमला।


लखनऊ से 60 किमी दूर सीतापुर जिले के महमूदाबाद में कोठी, किला महमूदाबाद का निर्माण सबसे पहले 1677 में महमूदाबाद स्टेट के राजा महमूद खान ने करवाया था। 1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बेगम हजरत महल जब लखनऊ से नेपाल जा रही थीं, तब यहां रुकी थीं। शाही परिवार की 1857 के आन्दोलन में भूमिका होने के कारण अंग्रेजों ने इसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। उसके बाद इसका फिर से उसी रूप में निर्माण किया गया। वी.एस.नॉयपॉल, विलियम डैरिलिम्पल और विक्रम सेठ सरीखे साहित्यकार यहां आकर ठहरे। संगीत की कई धाराएं शोज, सलाम, नौहास और मर्सिया की परम्पराओं को इस कोठी ने आज तक जीवित रखा हैं। जीवित परम्पराओं का गवाह होना ही इसके चुने जाने का मुख्य आधार बना है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मॉन्यूमेंट वॉच में चुनी गई प्रदेश की पहली इमारत