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बीटी बैंगन पर सरकार ने फैसला सुरक्षित रखा

बीटी बैंगन पर सरकार ने फैसला सुरक्षित रखा

देश की जैव प्रौद्योगिकी नियामक एजेंसी ने बुधवार को आनुवांशिक परिवर्तन (जीएम) के जरिये विकसित बीटी बैंगन की खेती को अनुमति देने की सिफारिश कर दी है। हालांकि, सरकार ने जीएम फसलों को लेकर जारी विवाद के चलते इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा है। देश में जीएम फसलों के सुरक्षित होने तथा इसके पारिस्थितिकीय प्रभाव को लेकर बहस छिड़ी हुई है।

पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने बुधवार को एक समारोह के मौके पर इन चर्चाओं का खंडन किया कि सरकार ने बीटी बैंगन को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि आनुवंशिकी प्रौद्योगिकी मंजूरी समिति (जीईएसी) ने बीटी बैंगन की खेती को मंजूरी देने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि जीईएसी की सिफारिश संबंधी रिपोर्ट बुधवार को मिल गई है लेकिन अभी उसको देखा नहीं है।

रमेश ने कहा कि मैं समिति की रिपोर्ट का अध्ययन करूंगा, उसके बाद यह फैसला किया जाएगा कि इसे मंजूरी दी जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि जीईएसी ने सिफारिश में कहा गया है कि बीटी बैंगन के प्रभाव का आकलन करने के लिए गठित की गई समिति ने इसकी खेती की अनुमति देने का सुझाव दिया है, लेकिन उन्होंने साफ किया कि सरकार ने अभी इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं किया है।

मंत्री ने बताया कि वह बुधवार सुबह से एक संगोष्ठी में व्यस्त थे इसलिए जीईएसी की रिपोर्ट को नहीं देख सके हैं। गुरुवार को वह रिपोर्ट देखेंगे और उसके बाद सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करेंगे। एक सवाल पर रमेश ने कहा कि उनको पिछले तीन-चार दिन से बीटी बैंगन के बारे में ई-मेल आ रहे हैं। ई-मेल बीटी बैंगन के पक्ष और विपक्ष दोनों में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी कंपनी या गैरसरकारी संगठन के किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं आएंगे। इस बारे में अंतिम निर्णय वह स्वयं लेंगे।

अगर बीटी बैंगन को सरकार की मंजूरी मिल जाती है तो भारत में पहली बार जीएम फूड को वाणिज्यिक रूप से पेश किया जाएगा। हालांकि, खाद्य विशेषज्ञों ने जीएम फूड को लेकर काफी आशंकाएं जताई हैं। जीएम फसल में उत्पादक या ग्राहक के फायदे के लिए आनुवांशिक तत्वों (डीएनए) में कुछ बदलाव किए जाते हैं। जीईएसी ने इस बारे में अपनी सिफारिश देने से पहले विशेषज्ञों की दो समितियों की रिपोर्ट पर विचार किया है। इन समितियों ने बीटी बैंगन की उत्पादक माहिको द्वारा बीटी बैंगन पर शोध के दौरान पिछले नौ साल के दौरान जुटाए गए आंकड़ों का अध्ययन किया था।

रमेश ने जीईएसी के बारे में कहा कि यह एक स्वतंत्र और पेशेवर पैनल है और मैं उसके मामले में दखल नहीं देता, लेकिन इस बारे में आगे फैसला मुझे ही करना है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि सरकार बीटी बैंगन पर अंतिम फैसला कब तक लेगी। पर्यावरण मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण समूह ग्रीनपीस द्वारा बीटी बैंगन के खिलाफ चलाए गए अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रीनपीस ने इस संबंध में जिस प्रकार से गलत ढंग से प्रचार किया मैं उसकी आलोचना करता हूं। उन्होंने कहा इस संबंध में वह कोई भी फैसला पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लेंगे।

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