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फर्जी थी मुठभेड़:सीबीआई रिपोर्ट

बागपत के रहने वाले रामकुमार और अशोक कुमार मुठभेड़ के दिन रणवीर के साथ थे। अधीक्षक सीबीआई निलाभ किशोर के नेतृत्व में विशेष टीम ने घटनास्थल का दौरा किया था, पर मुठभेड़ का कोई सबूत नही मिला। सीबीआई रिपोर्ट के अनुसार मुठभेड़ फर्जी थी। सीबीआई को इसकी जांच की अनुमति पिछली जुलाई में मिली थी।

जांच एजेंसी के लखनऊ कार्यालय ने इस मामले में 31 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की थी। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि मुठभेड़ स्थल से एके 47 रायफल की इस्तेमाल हुई दर्जनों गोलियां बरामद हुई हैं, जिससे साफ था कि रणवीर को काफी नजदीक से गोली मारी गई। जांच में उपनिरीक्षक की रिवाल्वर से एक भी गोली के निशान नहीं मिले, इससे जाहिर होता है कि उसके रिवाल्वर छीने जाने की कहानी झूठी थी। पुलिस ने मुठभेड़ का कारण रणवीर का रिवाल्वर छीनना बताया था। रणवीर के पिता ने फर्जी मुठभेड़ मामले में 14 पुलिस वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

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