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शपथ-पत्र के साथ रोशन होगी शिक्षकों की दीवाली

बेसिक शिक्षा विभाग में नवनियुक्त शिक्षकों की दीवाली इस बार शपथ-पत्र देने के बाद ही रौशन होगी। शासन ने बीएसए को आदेश दिए हैं कि नवनियुक्त शिक्षकों से शपथ-पत्र भरवा कर, उन्हें सितंबर और अक्तूबर की सैलरी दे दी जाए, मगर इन शिक्षकों को जुलाई और अगस्त की सैलरी अभी नहीं मिलेगी।


बेसिक शिक्षा विभाग में 186 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है, जिसमें से 61 शिक्षकों के सर्टिफिकेट का अभी तक सत्यापन नहीं हुआ है। इस कारण इन शिक्षकों को ज्वाइनिंग के बाद से अभी तक सैलरी नहीं मिली है। मगर त्यौहार होने के कारण शासन ने उन सभी शिक्षकों को शपथ-पत्र लेकर वेतन देने के आदेश दिए हैं। अभी तक नवनियुक्त शिक्षकों में से 61 का वेतन नहीं आया है। इन शिक्षकों में से उन सभी को जल्द ही वेतन मिल जाएगा, जिनके कम से कम दो सर्टिफिकेट वेरिफाई हो गए हैं। जिन शिक्षकों के सर्टिफिकेट वेरिफाई नही हुए हैं अथवा एक ही हुआ है, उन्हें अभी वेतन के लिए लंबा इंतजार करना होगा।


बीएसए राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि एक शिक्षक की नियुक्ति में कम से कम पांच सर्टिफिकेट होते हैं। जिन्हें पांच अलग-अलग जगहों से सत्यापित करवाना होता है। बोर्ड और यूनिवर्सिटी के पास काम इतना ज्यादा है कि सत्यापन में महीनों लग जाते हैं। उसमें भी काम मैन्यूअल होने के कारण कई बार गलतियों की संभावना रहती है।

एक नजर इनपर भी
कुल नियुक्त शिक्षक -186
जिनके सर्टिफिकेट का सत्यापन नहीं हुआ- 61

सत्यापन में होने वाली परेशानी---
-विभाग को फर्जी सत्यापन मिलना
-एक ही सर्टिफिकेट के लिए दो सत्यापन मिलना
-बोर्ड और यूनिवर्सिटी में काम बहुत ज्यादा होने के कारण सत्यापन में देर होना और कई बार उसमें गड़बड़ होना।

क्या है शपथ पत्र में---
शपथ पत्र में शिक्षक को यह लिख कर देना है कि अगर सत्यापन के दौरान या भविष्य में कभी भी उसका कोई भी सर्टिफिकेट, जिसके आधार पर उसे नौकरी दी गई है, फर्जी मिला तो उसकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और नौकरी के समय से उस समय तक उसे सरकार की ओर से जो भी लाभ हुआ है, उसे लौटाना होगा।

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