DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

स्टेडियम में सरकारी कोचिंग की आस में खिलाड़ी

एक तरफ जहां स्टेडियम में खिलाड़ी सरकारी कोचिंग शुरू होने की आस में हैं, वहीं जिला खेल विभाग ने इन योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। विभाग द्वारा घोषणा किए जाने के छह महीने बाद भी अब तक न तो इस बारे में कोई पहल हुई और न ही इस बाबत कोई ब्लू प्रिंट तैयार किया गया। अब खिलाड़ी भी निराश होकर फिर से प्राइवेट कोचिंग की शरण में जाने को मजबूर हैं।


खेल विभाग के प्रमुख सचिव ने स्टेडियम में सरकारी स्तर पर कई खेलों की कोचिंग शुरू कराने की बात कही थी। इसके लिए उन्होंने जिला खेल अधिकारी को आवश्यक निर्देश भी दिए थे। खेल विभाग की इस घोषणा के बाद शहर के खिलाड़ियों में कम खर्च पर खेल सीखने को लेकर एक उम्मीद की किरण दिखाई दी थी। छह महीने बाद भी अब तक इस दिशा में कोई भी कार्रवाई शुरू नहीं होने पर खिलाड़ी निराश हैं। विभाग की घोषणा के मुताबिक स्टेडियम में कुश्ती, वुशू, टेबल टेनिस सहित अन्य खेलों के लिए सरकारी कोचिंग उपलब्ध कराना था, साथ ही विभाग द्वारा सरकारी कोच भी रखे जाने थे।


जिला खेल अधिकारी प्रेम कुमार ने इस बारे में कोई भी स्पष्ट बात नहीं बताई। उन्होंने बताया कि इस दिशा में काम चल रहा है, जल्द ही जनपद में खेल के विकास के लिए योजनाएं शुरू कर दी जाएंगी। वहीं खिलाड़ी विभाग की इस टालमटोल से परेशान हैं। कुश्ती खिलाड़ी सुरेंद्र का कहना है कि प्राइवेट कोचिंग करने में अधिक पैसा लगता है। इस कारण हमलोग सरकारी घोषणा को लेकर काफी आशान्वित थे, लेकिन अब तक इस पर कोई काम शुरू नहीं होने के कारण हमलोग काफी ठगा महसूस कर रहे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:स्टेडियम में सरकारी कोचिंग की आस में खिलाड़ी