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एक मौलाना पर डोर डाल रहे लालू-नीतीश

किशनगंज संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए मौलाना इसरारूल हक पर रल मंत्री लालू प्रसाद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों डोर डाल रहे हैं। पर इनकी उम्मीदवारी को लेकर दोनों पार्टियों में पेच है। यहां किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, मधुबनी,दरभंगा, बेतिया और भागलपुर संसदीय क्षेत्रों में मुसलमानों की आबादी 20 से 67 प्रतिशत के बीच है।ड्ढr ड्ढr बिहार में मुसलमानों की सबसे अधिक आबादी 67 प्रतिशत किशनगंज में है। आजादी के बाद नीतीश सरकार ने इस जिले में पहली बार किसी अल्पसंख्यक को डीएम व एसडीओ बनाया है। मुख्यमंत्री ने किशनगंज सीट के बहाने लालू प्रसाद के मुस्लिम प्रेम का भी माकूल जवाब दिया है। इसके साथ ही भाजपा की दावेदारी पर भी पूर्ण विराम लगाकर यह जता दिया है कि अल्पसंख्यकों से प्रेम में कोई समझौता नहीं। नीतीश कुमार भाजपा के साथ अपने रिश्ते में एक स्पष्ट दूरी बनाए रखना चाहते हैं। पर पेच यह है कि मौलाना मुख्यमंत्री के प्रति अच्छा भाव रखते हैं, लेकिन भाजपा से तालमेल होने के कारण जद यू के टिकट पर लड़ने को तैयार नहीं हो रहे। मौलाना सूराापुरी बिरादरी से आते हैं और तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं। उधर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद भी चाहते हैं कि मौलाना उनकी पार्टी से लड़ें,लेकिन तस्लीमुद्दीन साहब अररिया से लड़ना नहीं चाहते। ऐसे में राजद में भी पेच है। चुनाव बहिष्कार के मद्देनजर विशेष सतर्कताड्ढr विनायक विजेता पटनाड्ढr लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सली गतिविधियों पर काबू पाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने जिलों से रिपोर्ट मांगी है। पूर्व की घटनाओं को देखते हुए गया, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद, मुंगेर व मोतिहारी लोकसभा क्षेत्र में माओवादियों की ओर से गड़बड़ी की आशंका है। इन लोकसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों को सरकार विशेष सुरक्षा दे सकती है।ड्ढr ड्ढr गया के पूर्व सांसद और उस क्षेत्र के तत्कालीन भाजपा उम्मीदवार ईश्वर चौधरी की 1में चुनाव प्रचार के दौरान माओवादियों ने हत्या कर दी थी। खुफिया विभाग को आशंका है कि कहीं फिर न माओवादी उत्पात मचा दें। नक्सलियों की ओर से गड़बड़ी फैलाने की आशंका के मद्देनजर आईबी के अधिकारियों की शनिवार को पटना में बैठक हुई। बैठक में बिहार के विभिन्न जिलों और जोन में पदस्थापित आईबी के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। इसमें अन्य मामलों के साथ-साथ माओवादियों के चुनाव बहिष्कार के ऐलान को ध्यान में रख उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। राज्य की खुफिया शाखा ने भी सभी जिलों में कार्यरत अपने अधिकारियों को सूचना तंत्र मजबूत बनाने का निर्देश दिया है। एडीाी, मुख्यालय नीलमणि ने बताया कि उम्मीदवारों की श्रेणी और आयोग द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार उन्हें सुरक्षा दी जाएगी।

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