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खेल और खिलाड़ियों को सम्मान दें

पी. टी. ऊषा जैसी महान धावक और ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले डुंगडुंग जैसे खिलाड़ियों के साथ पिछले दिनों हुआ बर्ताव सचमुच दुर्भाग्यपूर्ण था। इसका कारण भारत में केवल एक ही खेल क्रिकेट को तवज्जो देना है। यदि उसी जगह कपिल देव या सुनील गावस्कर जैसे पूर्व क्रिकेटर कहीं जाते तो इन्हें कौन नहीं पहचानता। खेल विभाग की लापरवाही और नासमझी के कारण क्रिकेट ही भारत का एकमात्र खेल समझा जाता है। और इसे पूरा भारत अपने आपसे जोड़ता है, लेकिन हॉकी की जीत या हार से किसी को कोई फर्क ही नहीं पड़ता। भारत में एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, बेसबॉल जैसे खेलों के प्रति प्रतिभा होने के बावजूद उन्हें अवसर और सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। इसी कारण कुछ खिलाड़ियों को तो अपने मेडल भी बेचने पड़ जाते हैं।
वन्दना शर्मा, गौतम विहार, दिल्ली

ग्लोबल वॉर्मिग की वॉर्निग
ग्लोबल वार्मिग के चलते साल-दर-साल मौसम बहुत तेजी से बदलता चला जा रहा है। वैश्विक नेता इस मुद्दे पर    गंभीरता तो दिखा रहे हैं, मगर कुछ देश अपने निजी महत्वाकांक्षा के चलते हर बार टाल देते हैं। अब तो ग्लोबल वार्मिग का असर पिछले 2-3 सालों से स्पष्ट दिख रहा है। क्या हम लोग अपनी चारों ओर की तबाही को नजरंदाज करके भीषण तबाही की ओर नहीं बढ़ रहे हैं? अगर इस मुद्दे को जल्द-से-जल्द नहीं सुलझाया गया तो आनेवाली पीढ़ी हमें कभी माफी नहीं करेगी।
श्यामल कुमार झा, जैतपुर, दिल्ली

शपथ के बाद चपत
केन्द्रीय सतर्कता आयोग सरकारी कर्मचारियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए 3 नवम्बर को सतर्कता सप्ताह का आयोजन कर रहा है। जिसमें प्रत्येक कर्मचारी को सत्य-निष्ठा से काम करने के लिए शपथ दिलाई जाएगी। शपथ के साथ-साथ कारगर उपाय भी होने चाहिए।
ओम प्रकाश त्रेहन, मुखर्जी नगर, दिल्लीअमेरिका की नीति अस्पष्ट
अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद किस उद्देश्य से दी जा रही है, यह अभी तक अस्पष्ट है। भारत कह रहा है कि पाकिस्तान आर्थिक मदद अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ावा देने और आतंकवाद को प्रायोजित करने में कर रहा है, लेकिन क्या अमेरिका की दोहरी नीति या यह कह सकते हैं कि उसका अंदरूनी डर उसे यह सब करने के लिए विवश कर रहा है।    
नेहा सिंह, हरिद्वार

असंतुलित विकास
देश में समन्वित एवं सतत विकास के लिए संतुलन की आवश्यकता है, क्योंकि आज भी देश में करोड़ों लोग भूखे सोते हैं। लाखों लोग भुखमरी के शिकार हैं। हमारे देश में इस प्रकार के असंतुलन के कई कारण हैं जैसे- आर्थिक विषमता, क्षेत्रीय असंतुलन। देश में कुछ राज्य आर्थिक दृष्टि से अग्रगामी हैं तो कुछ पिछड़े।
बिजेन्द्र सिंह मनेषा, श्रीनगर

बयानबाजी के उत्तराधिकारी
थरूर, लालू की बयानबाजी की
गद्दी छीन लेंगे जरूर,
तभी तो छुट्टियों की कर रहे छुट्टी।
आराम किए बिना कर्मचारियों
की फौज रहे जुटी।
गफूर खान, उज्जैन, मध्य प्रदेश

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