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इस मौसम में क्या खाएं कि स्वस्थ रह पाएं

बदलते मौसम के साथ जुकाम, कफ और वायरल आदि बीमारियों की आशंकाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में खुद को मौसम के अनुरूप तैयार करने और बीमारियों से दूर रखने के लिए जरूरी है सही खान-पान। इससे आपके इम्यून सिस्टम को मजबूती मिलेगी। आपके आसपास की ऐसी ही कुछ खास चीजों की जानकारी :
लहसुन : लहसुन एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है, जिसमें एलीसिन नामक तत्व होता है। एलीसिन संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। शोध के अनुसार लहसुन खाने वालों में जुकाम की चपेट में आने की संभावनाएं अन्यों की अपेक्षा दो-तिहाई कम होती हैं।
चाय : हारवर्ड यूनिवर्सिटी के एक शोध के अनुसार अन्य गर्म पेय पदार्थ पीने की तुलना में चाय पीने वालों के खून में दस गुणा अधिक वायरस विरोधी तत्वहोते हैं। काली और हर्बल दोनों प्रकार की चाय में एमिनो एसिड एल-थिएनाइन पर्याप्त मात्रा में होता है।
शहद : भारत में पुराने समय से ही शहद को लोकप्रिय नुस्खे के तौर पर देखा गया है। नियमित रूप से शहद का सेवन जुकाम, कफ, छाती जमने आदि की परेशानियों को दूर करता है। इसके अलावा शहद को नींबू रस और गुनगुने पानी के साथ लेने पर कब्ज, गैस और मोटापे को दूर करने में भी मददगार माना गया है। इतना ही नहीं विशेषज्ञों के अनुसार शहद, अदरक का रस और काली मिर्च को बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से अस्थमा में भी राहत मिलती है।
जई और जौ : इन अनाजों में पर्याप्त मात्रा में बीटा-ग्लूकेन होता है जो कि एंटीमाइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर एक प्रकार का फाइबर है। इनका नियमित रूप से सेवन प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।
मछली : मछली का सेवन
बहुउपयोगी होता है। ऑयस्टर, लॉबस्टर, क्रैब्स और क्लैम्स आदि मछलियों में सेलेनियम प्रचुर मात्र में होता है। सेलेनियम की मदद से खून में सफेद रक्तकण साइटोकाइंस नामक प्रोटीन का निर्माण करते हैं जो शरीर से फ्लू वायरस दूर करने में उपयोगी होते हैं। सालमोन, मैकेरेल और हैरिंग आदि मछलियों में ऑमेगा-3 फैट होता है जो वात रोगों को रोकने में मददगार होता है।

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