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भारत एवं विश्व बैंक ने ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए

भारत एवं विश्व बैंक ने ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए

भारत ने 4.2 अरब डालर (लगभग 20000 करोड़ रूपए ) के ऋण के लिए मंगलवार को विश्व बैंक के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस धन का इस्तेमाल देश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के समर्थन तथा सार्वजनिक बैंकों के पुन: पूंजीकरण के लिए किया जाएगा।

सार्वजनिक क्षेत्र की पावरग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया तथा इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फिनांस कंपनी (आईआईएफसीएल) ने क्रमश: एक अरब डालर तथा 1.195 अरब डालर के लिए समझौता किया है। विश्व बैंक के बयान में कहा गया है कि पावरग्रिड को धन का इस्तेमाल पांचवीं बिजली प्रणाली विकास परियोजना के लिए किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य पारेषण प्रणाली को मजबूत बनाना है।

इसी तरह केंद्र ने सार्वजनिक बैंकों के पुन: पूंजीकरण के लिए दो अरब अमेरिकी डालर के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इन बैंकों को अपने ऋण विस्तार को बनाए रखने के लिए 2009-11 के दौरान अतिरिक्त धन की आवश्यकता होगी।

विश्व बैंक की शाखा इंटरनेशनल बैंक फार रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवपलमेंट से बैंकिंग क्षेत्र तथा पावरग्रिड के लिए ऋण की परिपक्वता अवधि 30 साल की होगी। आईआईएफसीएल के लिए ऋण की परिपक्वता अवधि 28 साल की रहेगी, जिसमें कुछ रियायती अवधि भी है। बयान में कहा गया है, यह धन अगले दो साल में सार्वजनिक बैंकों को पूंजी कोष दिलाएगा, ताकि वे अर्थव्यवस्था की ऋण आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।

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