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आसान नहीं होगा धानुका हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना

राजकुमार धानुका की हत्या की गुत्थी सुलझाना रांची पुलिस के लिए आसान नहीं होगा। पुलिस जब तक कारण तक नहीं पहुंचेगी, तब तक अपराधी पकड़ से बाहर रहेंगे। फिलहाल पुलिस कोयला व्यवसाय में अनबन को ही आधार मानकर कार्रवाई कर रही है। सिटी डीएसपी महेश राम पासवान ने कहा है कि परिवार के लोग कुछ कह नहीं रहे। पुलिस से सहयोग नहीं कर रहे। लिहाजा पुलिस शक के आधार पर कार्रवाई कर रही है।ड्ढr धानुका को जिस तरह से भीड़भाड़ वाले इलाके में मारा गया, यह दुस्साहस का काम है और इसमें बड़े अपराधियों का हाथ है। रांची पुलिस फिलहाल पतरातू इलाके में सक्रिय भोला पांडेय गिरोह और रांची के अनिल शर्मा गिरोह पर शक कर रही है। शक मो तस्लीम गिरोह पर भी है। इसी आधार पर छापामारी जारी है। कई पुराने अपराधी पुलिस चंगुल में हैं। धानुका हत्याकांड में अपराधियों ने अपना कोई सुराग नहीं छोड़ा है। साथ ही कोई चश्मदीद भी नहीं मिल रहा। धानुका अपने भाई कमल के साथ कार्यालय में थे। लेकिन कमल भी घटना के बार में बहुत कुछ नहीं जानते। पुलिस की परशानी यह भी है कि वे फायनांस, बिल्डिंग निर्माण, कोयला और जमीन के धंधे से जुड़े थे। इन व्यवसायों में किससे दुश्मनी थी, यह पता नहीं लग पा रहा है।ड्ढr 42 लोगों से हो रही पूछताछड्ढr राजकुमार धानुका हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए रांची पुलिस के अलावा दूसर जिलों में भी पुलिस ने छापामारी की है और अब तक कम से कम 42 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इसमें से कुछ शातिर अपराधी हैं, जिन्हें जेल भेजा जायेगा। बाकी को पूछताछ के बाद छोड़ दिया जायेगा।ड्ढr अनिल शर्मा से जुड़े गुड्डू सिंह को खोज रही पुलिसड्ढr रांची। अनिल शर्मा के लिए काम करने वाले गुड्डू सिंह को पुलिस खोज रही है। अरगोड़ा निवासी गुड्डू सिंह जिनका असली नाम सुजीत सिंह है का इस घटना से कोई लेनादेना नहीं है। अरगोड़ा इलाके में उनकी छवि अच्छी है। पुलिस को इनकी नहीं बल्कि अनिल शर्मा और धूमल सिंह के लिए काम करने वाले गुड्डू सिंह की तलाश है।

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