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हज में कुर्बानी के नाम पर हवाला कारोबार

हज के दौरान कुर्बानी अनिवार्य है। सऊदी अरब में इसके लिए कम से कम 430 रियाल (औसतन रुपए 5590) अदा करने पड़ते हैं। इसका फायदा उठाते हुए हवाला कारोबारी भी सक्रिय हो गए हैं और देश में ही दो से तीन हजार की अदायगी पर वे सऊदी अरब में उनके नाम से कुर्बानी का वादा कर रहे हैं। हज जायरीन अपनी विदेशी मुद्रा बचाने के लिए यह राशि तो दे रहे हैं, लेकिन जिनके हाथों में वे यह पैसा सौंप रहे हैं, उनकी सच्चई का पता इन्हें भी नहीं है।

मजहबी ऐतबार से हज पर जाने वाले हर यात्री को सऊदी अरब में ही हज के दौरान कुर्बानी कराना जरूरी होता है। केन्द्रीय हज कमेटी के माध्यम से जाने वाले जायरीन को रियाद पहुँचने पर 25 हजार की राशि वापस कर दी जाती है। सऊदी अरब में कुर्बानी के लिए कम से कम 430 रियाल खर्च करने पड़ते हैं। खरीदारी आदि के लिए इन पैसों को बचाने की नीयत का फायदा उठाने के लिए कुछ मदरसों के एजेंट सक्रिय हो गए हैं।

इनमें से कई ऐसे हैं जो हज पर जा रहे हैं। वे दो हजार रुपए में सऊदी अरब में कुर्बानी का वादा कर रहे हैं। इनका दावा है कि उनका सऊदी स्लॉटरिंग कम्पनी के साथ कांटेक्ट है। पूर्व में दक्षिण का एक संगठन इसी मामले में संदिग्ध पाया गया था और उसकी जाँच हुई थी। अक्सर यह एजेंट या तो हवाला से कुछ राशि भेजते हैं या फिर कुर्बानी के नाम ठगी कर जाते हैं।

उधर, इन खतरों से बचाने के लिए सऊदी सरकार ने इंतजाम किए हैं। इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक की मदद से एक प्रोजेक्ट तैयार किया गया है जिसमें ऑन लाइन कुर्बानी के लिए धन जमा किए जाने की व्यवस्थी की गई है। कोई भी जायरीन 430 रियाल की कीमत अदाकर कुर्बानी के लिए ऑन लाइन व्यवस्था करा सकता है। यह कम्पनी मास जमा कर प्रोसेसिंग करती है और गरीब लोगों के लिए कई मुल्कों को यह गोश्त भेजा जाता है। हज खुद्दाम कमेटी इस बारे में पहले ही स्थानीय प्रशासन को जानकारी दे चुकी है।

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