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लेटलतीफ अफसरों पर कार्रवाई के निर्देश जारी

विशेषाधिकार हनन के मामलों लेटलतीफ अफसरों की वजह से खुद मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जिलों से रिपोर्ट भेजने में हो रही देरी के चलते प्रदेश स्तर के इन अधिकारियों को खुद पेश लोकसभा, विधानसभा की समितियों के सामने पेश होकर सफाई देनी पड़ रही है। इसे लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है और लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी कर डाले हैं।


दरअसल, विशेषाधिकार हनन के मामलों में लोकसभा, राज्यसभा, विधान सभा और विधान परिषद द्वारा समय-समय पर सम्बंधित जिलों से रिपोर्ट मंगाई जाती हैं। जिस जिले का और जिस किसी विभाग से जुड़ा मसला होता है, उससे सम्बंधित अधिकारी को डीएम के जरिए शासन को रिपोर्ट भेजनी होती है। जिसके बाद शासन उस आख्या को सम्बंधित समिति को उपलब्ध कराता है।


अति महत्वपूर्ण काम होने के बाद भी अफसर समय से रिपोर्ट नहीं भेजते। ऐसी स्थिति में मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लगातार हो रही दिक्कतों को लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव अतुल गुप्ता ने अब सभी जिलाधिकारियों की क्लास ले डाली है। उन्होंने सभी जिलों को परिपत्र भेजकर कहा है कि विशेषाधिकार हनन से जुड़ी रिपोर्ट भेजने में आगे से यदि देरी हुई तो सम्बंधित अधिकारी का नपना तय है।

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