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अस्पताल की दूसरी मंजिल से मरीज ने कूदकर जान दी

आलमबाग में अजन्ता अस्पताल की दूसरी मंजिल से मरीज यशवंत ने कूदकर जान दे दी। वह सोमवार तड़के उठा और जोर-जोर से चीखने लगा। फिर अपने बेड पर खड़े होकर खिड़की का काँच सिर की टक्कर से तोड़ दिया और छलाँग लगा दी। नीचे वह अस्पताल के वाहन स्टैण्ड के पास गिरा। जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान यशवंत ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक यशवंत अवसादग्रस्त था। जबकि परिवारीजनों का कहना है कि ऑपरेशन के डर से उसने खुदकुशी की है।

पिथौरागढ़ में धारचूला निवासी दुकानदार यशवंत बुदियाल (35) को रविवार दोपहर अजंता अस्पताल में गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए भर्ती कराया था। अस्पताल के सीनियर डॉक्टर केबी एबॉट ने बताया कि सोमवार को यशवंत की कई प्रकार की जाँच होनी थी। लिहाजा रात में उसे हल्का भोजन दिया गया था। जिससे वह नाराज हो गया और भला-बुरा कहने लगा। पत्नी शर्मिला ने बताया कि यशवंत के सो जाने पर वह कैलाशपुरी, आलमबाग में अपने रिश्तेदार के घर चली गई थीं।

अस्पताल में यशवंत अकेला था। वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों ने बताया कि तड़के यशवंत उठा और इधर-उधर टहलने लगा। वह चिल्लाकर कह रहा था कि ‘सभी मेरे ऊपर हावी होना चाहते हैं’। शोर सुनकर नर्स मंजू शुक्ला दौड़ीं। पर, तब तक यशवंत ने सिर की टक्कर से खिड़की का काँच तोड़ दिया और बाहर की ओर कूद गया। मंजू ने यशवंत का पैर पकड़ा लेकिन वह उसे रोक नहीं सकीं। यशवंत के नीचे गिरते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

कर्मचारियों ने यशवंत को उठाया तो उसकी साँस चल रही थी। अस्पताल में इलाज के दौरान यशवंत की मौत हो गई। डॉ.केबी एबॉट ने बताया कि सिर में गहरी चोट लगने के कारण यशवंत कोमा में था। खून ज्यादा बह जाने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। करीबी रिश्तेदार व शहर में तैनात एक सीओ ने बताया कि यशवंत ने ऑपरेशन के डर से खुदकुशी की है। शर्मिला भी इसे आत्महत्या बता रही है। जबकि डॉक्टर यशवंत को अवसादग्रस्त बता रहे हैं। यशवंत के परिवार में पिता मंगल, शर्मिला के अलावा छह साल का बेटा बफुल है।

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