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गुरुजी पर कसा शिकंजा

जिले में बदहाल शिक्षा व्यवस्था में सुधार को शासन के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों ने कमर कस ली है। प्रथम चरण में पांच विकास खंडों के 37 नोडल अधिकारी व एनपीआरसी को 15 बिन्दुओं पर जांच की जिम्मेदारी सौंपी गयी। देर से आना, जल्दी जाना, बिना अवकाश स्वीकृति के महीनों गायब रहना, शिक्षण कार्य में ध्यान न देना जैसी लापरवाही बरतने वाले गुरूजनों की अब खैर नहीं।

छापा मार अभियान के साथ शिक्षा विभाग ने सघन निरीक्षण अभियान की भी रूपरेखा तैयार कर ली है। प्रथम चरण में मोरी, पुरोला, नौगांव, चिन्यालीसौड़ व डुण्डा ब्लाक के स्कूलों को निरीक्षण के लिए चिह्न्ति किया है। यहां 37 नोडल अधिकारियों के साथ एक एनपीआरसी टीम बना कर अनिश्चित रोस्टर के तहत सड़क से लगे और मीलों पैदल विद्यालयों की पगडंडी नाप कर शिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लेगा।

इसके लिए 15 बिन्दुओं का चिट्ठा तैयार किया गया, जिसमें निरीक्षण टीम पैदल दूरी, भवन की स्थिति, छात्रों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, आवास निरीक्षण, तैनाती, सेवा विवरण, शिक्षकों की समस्याओं, शिक्षक डायरी, एमडीएम का संचालन, कक्षों में बच्चों के शैक्षणिक परख, एसएसए के कार्यक्रम, बजट, बच्चों के बैठने की व्यवस्था आदि पर जांच रिपोर्ट तैयार करेगी।

निरीक्षण करने वाले विद्यालय के साथ आस-पास के विद्यालयों में भी शैक्षणिक व्यवस्था देख कर ग्रामीणों से भी जानकारी लेंगे। अपर जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक लीलाधर व्यास ने बताया कि इसी परिपेक्ष में उन्होंने योजना का शुभारंभ मोरी क्षेत्र से किया। यहां 13 विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान 3 शिक्षक नदारद मिले। जबकि 2 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर भी ताले लटके मिले।

शिक्षकों के निलबंन की संस्तुति शासन को भेजी गयी है। बीएसए ने बताया कि विद्यालयों में कई खामी पायी गयी, जिसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि पैदल दूरी पर स्थिति विद्यालयों के अलावा सड़क व बाजार क्षेत्र से लगे विद्यालयों में भी शिक्षण कार्य पर पैनी नजर रखी गयी है।

पांच ब्लाकों में प्रथम चरण की कार्यवाही समाप्त होने पर समीक्षा की जाएगी और इसके बाद द्वितीय चरण की कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।

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