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सांसद को दो मामलों में जमानत

एडीो 1 ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव ने माले कार्यालय पर हमला तथा जीरादेई थानेदार को धमकाने के मामले में राजद सांसद मो. शहाबुद्दीन को जमानत दे दी। जबकि सजा सस्पेंड के लिए दाखिल पेटिशन को खारिा कर दिया। प्रथम श्रेणी न्यायिक दण्डाधिकारी वीवी गुप्ता ने माले कार्यालय पर हमला करने के मामले में दो वर्ष की सजा तथा जीरादेई थानेदार हरन्द्र राय को धमकाने के मामले में एक वर्ष की सजा सुनाई थी।ड्ढr ड्ढr दोनों मामलों में एडीो 1 ज्ञानेश्वर श्रीवास्तव की अदालत में शहाबुद्दीन को जमानत देने और सजा सस्पेंड करने के लिए अलग-अलग पेटिशन दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष से नरश कुमार सिंह तथा बचाव पक्ष से अभय कुमार राजन ने बहस की। बहस के बाद जज ने शहाबुद्दीन को जमानत दे दी। जबकि सजा सस्पेंड के लिए दाखिल पेटिशन को खारिा कर दिया। लाखों की दवाएं जलाईंड्ढr पूर्णिया (नि.प्र.)। जम्मू-कश्मीर और दूसर महानगरों से पूर्णिया भेजी गईं लाखों की जीवनरक्षक दवाइयां जला दी गईं। इन दवाइयों का वितरण कोसी के बाढ़ पीड़ितों के बीच किया जाना था।ड्ढr खबर है कि दवा के साथ कपड़े भी जलाए गए। राहत के नाम पर आई ये सामग्री रडक्रास सोसाइटी में रखी गयी थी। इस सच का खुलासा तब हुआ जब रडक्रॉस सोसाइटी के पिछवाड़े से धुआं उठता देखा गया। स्थानीय लोग यह सोच कर दौड़े कि शायद आग लग गई पर वहां पहुंचे तो नजारा दवा दहन का था। जो दवाइयां जल रही थीं उसमें गैबिन, ग्लीफ्लोक्िसन और एमडीडीएल के टेबलेट की संख्या काफी ज्यादा थी।ड्ढr ड्ढr दवा के रैपर पर गैबिन की एक गोली का दाम 13.50 एवं ग्लफ्लोक्िसन का दाम 16.50 रुपए प्रति टेबलेट अंकित देखा गया। कुछ दवाइयों का एक्सपायरी डेट 2008 तो कुछ का 200व 2010 तक लिखा था। इस संबंध में जिलाधिकारी और रडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन श्रीधर चेरबेलू ने अनभिज्ञता जाहिर की। आरडीडी (हेल्थ) डा.आर.डी. रंजन ने कहा कि दवा को जलाना तो अपराध है। उन्होंने कहा कि वे मामले की जांच करवा कर कार्रवाई करंगे।

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