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डोपिंग में फिर पकड़ी गई भारोत्तोलक शैलजा

डोपिंग में फिर पकड़ी गई भारोत्तोलक शैलजा

चोटी की भारोत्तोलक शैलजा पुजारी और विक्की बत्रा पर दूसरी बार डोपिंग का दोषी पाए जाने के कारण आजीवन प्रतिबंध लगना तय है जिससे भारत की अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों को भी करारा झटका लगा है।

भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) के महासचिव बीआर गुलाटी ने सोमवार को स्वीकार किया कि महिला वर्ग में 75 किग्रा की राष्ट्रमंडल चैंपियन शैलजा और पुरुष वर्ग में 56 किग्रा के भारोत्तोलक बत्ता को प्रतियोगिता से इतर औचक परीक्षण के बाद प्रतिबंधित दवा सेवन का दोषी पाया गया है। शैलजा को राष्ट्रीय डोपिंगरोधी एजेंसी (नाडा) के जबकि बत्ता को विश्व डोपिंगरोधी एजेंसी (वाडा) के परीक्षण में पाजीटिव पाया गया।

गुलाटी ने कहा कि पिछले दिनों वाडा और नाडा दोनों ने प्रतियोगिता से इतर परीक्षण किए थे जिनमें दो भारोत्तोलकों शैलजा पुजारी और विक्की बत्रा को पाजीटिव पाया गया है।

इससे पहले 2006 में डोपिंग में पकड़ी गई शैलजा को एनाबोलिक स्टेरायड के सेवन का दोषी पाया गया है। गुलाटी ने कहा कि शैलजा इसके खिलाफ नाडा के पास अपील कर सकती है लेकिन इसमें अब केवल तीन दिन बचे हैं। यदि वह अपील नहीं करती हैं तो यह मान लिया जाएगा कि उन्होंने गलती स्वीकर कर ली है और उन पर स्वत: ही आजीवन प्रतिबंध लग जाएगा।

मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता बत्ता इससे पहले 2007 में गुवाहाटी में हुए 33वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान डोपिंग में पकड़े गए थे। वह अभी वाडा के पास वर्तमान परीक्षण के खिलाफ अपील कर सकते हैं। गुलाटी ने कहा कि बत्रा के पास अब भी अपील का मौका है और वह फेडरेशन के जरिए बी नमूने के परीक्षण की अपील कर सकते हैं। हमारे पास भी वाडा ने जो पत्र भेजा है उसमें इसका उल्लेख है, लेकिन बी नमूना भी पाजीटिव पाए जाने पर उनका आगे खेल में बने रहना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि फेडरेशन इस पर कोई कदम नहीं उठा सकता है और भारोत्तोलकों को स्वयं अपील करनी होगी।

इन दोनों भारोत्तोलकों के डोपिंग में पकड़े जाने से आईडब्ल्यूएफ की भी परेशानियां बढ़ गई हैं और एक साल के अंदर किसी अन्य भारतीय भारोत्तोलक का परीक्षण पाजीटिव रहने पर महासंघ पर भी एक साल का प्रतिबंध लग सकता है। इस बीच गुलाटी ने माना कि भारोत्तोलक शक्तिवर्धक पदार्थ लेते हैं। उन्होंने कहा कि भारोत्तोलन ताकत का खेल है और इसमें आपको शक्तिवर्धक पदार्थों की जरूरत पड़ती है लेकिन खिलाड़ियों को यह ज्ञान नहीं है कि किस पदार्थ में प्रतिबंधित अवयव हैं। हम उन्हें विशेषज्ञों के पास भी ले जाते हैं और बताते भी हैं कि किसी भी शक्तिवर्धक पदार्थ के सेवन से पहले वे उसका चिकित्सकों से परीक्षण करवा लें।

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