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फिर पकड़े गए सपनों के सौदागर

पटना पुलिस ने लगातार तीसर दिन सोमवार को भी नौकरी के नाम पर सपने बेचने वाले सौदागरों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया। कोतवाली पुलिस ने ग्रैंड प्लाजा अपार्टमेंट के चौथे तल्ले पर चल रहे इस गोरखधंधे में संलिप्त दो युवकों को गिरफ्तार किया। प्रशिक्षु डीएसपी एम एस नोमानी के नेतृत्व में जब पुलिस ने वहां छापेमारी की तो 14-15 युवक नौकरी की लालसा में वहां इंटरव्यू देने को कतारबद्ध थे। पुलिस ने वहां से कई कागजात व मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इसके पूर्व शनिवार और रविवार को गांधी मैदान थाना ने दो अलग-अलग गिरोह को दबोचा था।ड्ढr ड्ढr दोपहर बाद हाजीपुर निवासी सिकंदर नामक युवक ने फोन पर डीएसपी को इस गोरखधंधे की सूचना दी थी। सिकंदर ने बताया कि उसने अपने दो भाइयों आसिफ इकबाल व परवेज आलम की नौकरी के लिए सोल्युशन नामक इस कंपनी में पूर्व में आवेदन दिया था। इंटरव्यू के बाद दोनों भाइयों की नौकरी और रािस्ट्रेशन के नाम पर उससे एक बार ग्यारह हाार और एक बार ग्यारह हाार नौ सौ रुपये लिये गए।ड्ढr ड्ढr इंटरनेट पर मेल रिसीव करने और मेल भेजने की इस नौकरी के बदले उसके दोनों भाइयों में सेड्ढr एक को एक माह के पांच हाार रुपये वेतन के अनुबंध के बदले 3800 और दूसर को 2300 रुपये दिए गये। इसके बाद उनलोगों ने वेतन देना भी बंद कर दिया जबकिड्ढr ड्ढr कई माह से दोनों भाइयों से बदस्तूर काम ले रहे थे। सिकंदर द्वारा तगादा करने पर सोमवार को इस कार्यालय में बैठे अमित (ागदेव पथ) नामक युवक ने अपने को अपर सचिव स्तर का अधिकारी बताकर उसे जेल भिजवा देने की धमकी दी। तब सिकंदर को अहसास हुआ कि वह और उसका भाई फर्ाीवाड़े के चक्कर में फंस गया है। इसके बाद उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। पटना में बीते एक सप्ताह के अंदर ऐसे चार गिरोह की गिरफ्तारी से यह जाहिर हो रहा है कि पुलिस ऐसे धंधेबाजों को अब बख्शने के मूड में नहीं है।

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