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दीवाली पर हो जएगी बल्ले-बल्ले

  
  दीवाली पर हो जएगी बल्ले-बल्ले

फैशन और फिटनेस की बात तो हमेशा होती ही रहती है, पर दीपावली एक ऐसा त्योहार है, जब पूरे घर को सजने-संवारने की बात होती है। इसका सीधा संबंध व्यक्ति के बेहतर लाइफ स्टाइल से होता है। ‘हर साल दीवाली के साथ लोगों की जीवनशली पहले के मुकाबले बेहतर हो जती है।’ कहते हैं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कारोबारी संजय शरण। आखिर इसकी वजह क्या है? सोमानी सेरामिक में ब्रांड मैनेजर आर. संजीव  कहते हैं, ‘एक तो ऐसे कामों के लिए दीवाली शुभ होती है और दूसरे, इस मौके पर लाइफ स्टाइल को अपग्रेड करने के लिए  नियोक्ता कंपनियों द्वारा बोनस आदि भी दिए जाते हैं। इससे खरीदारी के लिए आर्थिक जरूरत एक हद तक पूरी हो जाती है।’
 
इंटीरियर का खूबसूरत अंदाज
दीवाली का स्वागत मुख्य रूप से घर के इंटीरियर को खूबसूरत बनाकर ही किया जाता है। इसके लिए साफ-सफाई तो होती ही है, दीवारों पर डिस्टेंपर लग जाता है, फर्श पर टाइल्स और वुडन फ्लोरिंग नजर आने लगती हैं, परदों के  ट्रेंडी डिजइन लटकने लगते हैं और साथ ही फर्नीचर तक को बदल दिया जता है। साहनी फर्नीचर के अवधेश
वर्मा कहते हैं, ‘त्योहारों के मौके पर सोफा सेट की बिक्री तेज हो जाती है। बेड के नए मॉडल की मांग भी बढ़
जती है।’ आखिरकार भव्य ड्राइंगरूम से ही तो रहन-सहन की भव्यता सबसे पहले झलकती है।

घर को डेकोरेट करने में अब इनडोर गार्डनिंग को काफी तवज्जो दी जा रही है। इंटीरियर डिजाइनर रमेश आहूज कहते हैं, ‘घर के अंदर अब बड़े पौधे लगाना स्टेटस सिंबल का प्रतीक बन गया है।’ तो फिर घर को ऐसे क्यों न सजाया जाए।
   
गैजेट्स के दीवाने
वेतन यदि हो 20 हजार और हाथ में 20 हजार का ही मोबाइल हैंडसेट नजर आए तो ऐसी खरीदारी सिर्फ दीवाली के मौके पर ही हो सकती है। अब ऐसा हो भी क्यों न, मोबाइल सीधे तौर पर पर्सनैलिटी को अपग्रेड करता है। वाकई फेस्टिव सीजन में गैजेट्स की खरीदारी सबसे ज्यादा होती है। खासकर इसके लिए बच्चों और युवाओं का उत्साह इस दौरान देखते ही बनता है। मोबाइल, कंप्यूटर, एलसीडी टीवी, आईपॉड, लैपटॉप,  वॉशिंग मशीन, फ्रिज आदि तमाम गैजेट्स की बिक्री इस दौरान काफी बढ़ जाती है।

घर भी चाहिए
घर का स्वामी होना व्यक्ति के स्टेटस सिंबल का प्रतीक होता है, इसीलिए दीवाली से पहले घर खरीदने वालों की संख्या में भी इजफा नजर आने लगता है। ‘यदि कोई घर खरीदता है तो यह बताने की जरूरत नहीं कि उसके व्यक्तित्व में, उसके स्टेटस में यह कितनी बड़ी छलांग है।’ कहते हैं एसजी एस्टेट्स लि. के प्रमुख गौरव गुप्ता।
जिसके पास घर है, वह भी उसे बेचकर नया घर लेने के चक्कर में रहता है, ताकि उसका सामाजिक कद कुछ और ऊंचा हो जए। लोगों की इसी मानसिकता को देखते हुए एक ओर जहां विभिन्न बैंकों द्वारा ब्याज की दरों में छूट व अन्य सुविधाएं दी ज रही हैं, वहीं कई बिल्डर भी खास स्कीम और उपहारों के साथ हाजिर हैं।

धनतेरस के बहाने..
बहाना धनतेरस पर खरीदारी का होता है, पर सच तो यह है कि खुद को समृद्ध दिखाने के लिए भी खरीदारी होती है। इसीलिए तो अपनी जरूरत के अनुसार यही खास मौका होता है ज्वलरी की खरीदारी का भी, ताकि लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाएं और खुद को निखारने का खूबसूरत जरिया भी मिल जाए।

ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वलरी एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक मीनावाला कहते हैं, ‘इस साल के शुरू में भले ही कारोबारी मंदी रही हो, पर अब इसमें तेजी आ चुकी है।’ यानी इस  त्योहारी मौसम में फिर से महिलाओं और पुरुषों को भी चाहिए खास ट्रेंडी गहने।

नि:संदेह सिर्फ रोशनी व पटाखों का ही त्योहार नहीं है दीपावली, बल्कि खुद को अपग्रेड करने का भी यह बेहतरीन अवसर है। ‘कुल मिलाकर स्थिति यह है कि हर साल दीपावली के साथ व्यक्ित का सोशल स्टेटस बढ़ जता है।’ कहते हैं जमिया मिलिया इस्लामिया में मनोविज्ञानी अरविंद मिश्रण। अच्छा है, यदि दीपावली के बहाने ही सही, लोगों के लाइफ स्टाइल में एक-दो नहीं, कई-कई पायदान की छलांग लग जाए।

कार और बाइक बाजर में भी फेस्टिव सीजन के दौरान कारोबारी तेजी नजर आने लगती है। विज्ञापनों का असर कहें या लोगों की अच्छे लाइफ स्टाइल की चाहत, दीपावली के मौके पर कार और बाइक की दृष्टि से भी लोग खुद को अपग्रेड करने को इच्छुक दिखाई देते हैं। मारुति-सुजुकी, हुंडई, टाटा मोटर्स, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, जनरल मोटर्स, होंडा सील, स्कोडा ऑटो आदि कार कंपनियों और हीरो होंडा, टीवीएस, बजज, यामाहा आदि मोटरबाइक कंपनियों की बिक्री संबंधी आंकड़े इसी बात का संकेत देते हैं कि लोग इस मौके पर वाहनों की खरीदारी के लिए किस तरह तत्पर दिखते हैं। हुंडई मोटर इंडिया लि. के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट अरविंद सक्सेना कहते हैं, ‘या तो नई गाड़ी की चाहत या फिर बेहतर मॉडल की खरीदारी के लिए ग्राहक एक बार फिर से शोरूम की ओर आने लगे हैं।’ वाकई स्टाइलिश लाइफ स्टाइल के लिए रफ्तार की जरूरत तो है ही!

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