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सूखी ठण्डी पछुवा से पारे में गिरावट, ठंड ने दी दस्तक

बीती 23 सितम्बर को दिन-रात बराबर होने के बाद से सूर्य ने दक्षिणायन होने की डगर पकड़नी शुरू कर दी है। धीरे-धीरे सूर्य दक्षिण की तरफ ही अग्रसर है। नतीजा मौसम के दरवाजे पर सर्दी की दस्तक महसूस होने लगी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश से दक्षिण-पश्चिमी मानसून की विदाई की अगले एक-दो दिन में घोषणा भी कर दी जाएगी। अब पुरवाई के बजाए उत्तर पश्चिम से बहने वाली सूखी और ठण्डी बहने लगी है लिहाजा दिन व रात के तापमान में कमी का सिलसिला भी शुरू हो गया है। 

उधर, उ.प्र.कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) के वैज्ञानिक अधिकारी विनोद तिवारी का कहना है कि पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई जगहों पर धान की खड़ी फसल तेज हवा और बारिश के झोंकों से बिछ गई। अब किसानों को सलाह दी जा रही है कि अगर अब भी पानी लगा हुआ है तो उसे निकलवाएं। उन्होंने बताया कि दलहन में उड़द और मूंग जो फसलें देर में बोई गई हैं बारिश में वह भी खेतों में गल गई होंगी।

इस सारे नुकसान का आकलन आगामी 14 अक्टूबर को नियमित समीक्षा बैठक में किया जाएगा। इस बैठक में कृषि विभाग के अधिकारी जिला स्तर के आंकड़े लेकर आएंगे तभी यह साफ होगा कि कहां कितना नुकसान हुआ है।  अब किसानों से कहा गया है कि वह असिंचित गेहूं की बोवाई के लिए तैयारी शुरू करें।

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  • Web Title:सूखी ठण्डी पछुवा से पारे में गिरावट