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वामदलों का अंकुश हटते ही पूंजीपतियों की हो गई यूपीएः भाकपा

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने आरोप लगाया है कि केन्द्र की यूपीए सरकार ने पूंजीपतियों के लिए सारे दरवाजे खोल दिए हैं। सरकार पर से वामदलों का अंकुश हट गया है। यही वजह है कि महंगाई चरम पर है। सरकार ने पूंजीपतियों की मदद के लिए अपने खजाने खोल दिए हैं।

यह चिन्ता रविवार को पार्टी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में व्यक्त की गई। बैठक में भाकपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व सांसद सीके चन्द्रप्पन ने कहा कि वामदलों का अंकुश हटाने के कुप्रभाव सामने आ रहे हैं। सरकार ने फायदे में चल रहे सार्वजनिक उद्यमों में दस फीसदी विनिवेश की अनुमति देकर 25 हजार करोड़ रुपए बजट के लिए जुटाने का एलान किया है। इस पैसे का प्रयोग आम जनता के लिए नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि सारी योजनाएं गरीबी की रेखा के नीचे के लोगों के लिए हैं। जबकि गरीबी की रेखा सरकार के लिए मजाक है। एक तरफ अजरुन सेन गुप्ता कमेटी कहती है कि दो तिहाई जनता गरीबी की रेखा के नीचे हैं जबकि सरकार सर्वे कहता है 22 फीसदी जनता गरीब की रेखा के नीचे बसर कर रही है। जबकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ इन 22 फीसदी लोगों तक भी नहीं पहुंच रहा। इस बैठक की अध्यक्षता कामरेड विजय कुमार ने की।

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  • Web Title:वाम के हटते ही पूंजीपतियों की हो गई यूपीएः भाकपा