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स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और बढ़ी

जिला स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू के मामलों को हल्के में ले रहा है। रैपिड एक्शन टीम के सदस्य अस्पताल में आए संदिग्ध मरीजों की जांच और सैंपल लेने में बेहद लापरवाह रवैया बरत रहे हैं। इसी का नतीजा है कि डॉक्टर के सीट पर न मिलने पर एक महिला ने अपने स्वाइन फ्लू पीड़ित बच्चों को बिना मॉस्क के अस्पताल परिसर में घुमाने की धमकी दे दी। उधर, साइबर सिटी में अब तक स्वाइन फ्लू के 350 मरीजों की पुष्टि की जा चुकी है।
साइबर सिटी में अब तक स्वाइन फ्लू के साढ़े तीन सौ मामले प्रकाश में आ चुके हैं। जबकि एक व्यक्ति की इससे मौत भी हो चुकी है। विशेषज्ञ इस मौसम को एच1 एन1 वायरस बढ़ने के लिए अनुकूल मान रहे हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी को लेकर गंभीर नहीं हैं।

नतीजतन, अस्पताल में जांच व दवा के लिए आने वाले संदिग्ध व पॉजिटिव मरीजों को डॉक्टरों के रवैये से दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। शनिवार को अस्पताल में अपने स्वाइन फ्लू पीड़ित बच्चों को दवा दिलाने पहुंची एक महिला ने डॉक्टर के सीट से गायब होने पर पीएमओ से बहस कर डाली। महिला इतनी नाराज हुई कि उन्होंने अपने पॉजिटिव बच्चों का मॉस्क हटाकर अस्पताल परिसर में मरीजों के पास घूमाने की बात कह दी। पीएमओ के आश्वासन देने पर महिला शांत हुई। पीएमओ डॉ. खजान सिंह के अनुसार डॉक्टर को किसी जरुरी काम से सीट से उठना पड़ा होगा। अन्यथा ओपीडी समय में डॉक्टर सीट पर रहते हैं। उधर, कुल पॉजिटिव मामलों में 78 मामलों की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने एनआईसीडी लैब व 272 पीड़ितों की पहचान निजी लैब के माध्यम से की गई है।

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