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डबवाली में चाचा और भतीजे आमने-सामने

हरियाणा विधानसभा चुनावों में डबवाली विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला काफी रोचक होने वाला है जहां एक ही परिवार के तीन प्रत्याशी आमने-सामने हैं। खास बात यह है कि ये तीनों प्रत्याशी रिश्ते में चाचा और भतीजे लगते हैं। इनमें इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रधान महासचिव और राज्य सभा सदस्य अजय सिंह चौटाला हैं। अजय चौटाला इनेलो सुप्रीमो और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के पुत्र हैं। कांग्रेस ने इस सीट से डॉक्टर केवी सिंह को उम्मीदवार बनाया है।

डॉक्टर सिंह राज्य सरकार में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ओएसडी रहे हैं। ओम प्रकाश चौटाला के भाई प्रताप चौटाला ने अपने पुत्र रवि चौटाला को यहां से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारा है। प्रताप चौटाला वैसे तो कांग्रेस में हैं लेकिन कांग्रेस का टिकट डॉक्टर सिंह के हाथ लग जाने से उन्होंने बागी होकर बेटे को आजाद उम्मीदवार बना दिया है।

डॉक्टर सिंह रिश्ते में अजय और रवि के चाचा लगते हैं जबकि अजय और रवि आपस में चचेरे भाई हैं। सिंह और अजय चौटाला राजनीति के हालांकि मंङो हुए खिलाडी हैं लेकिन फिर भी इन तीनों के बीच भिड़ंत रोचक होने वाली है। डबवाली वैसे चौटाला परिवार की पारम्परिक सीट रही है। यह सीट पहले सुरक्षित थी लेकिन परिसीमन के बाद अब सामान्य हो गई है। ओम प्रकाश चौटाला का पैतृक चौटाला गांव डबवाली विधानसभा हलके में ही पड़ता है। अपनी इस पारम्परिक सीट पर परिवार का कब्जा बरकरार रखने के लिए ही उन्होंने अजय चौटाला को चुनाव में उतारा है।

डबवाली में मुकाबला इसलिए भी रोचक हो गया है क्योंकि ओम प्रकाश चौटाला जहां इस सीट को अपने कब्जे में रखने का प्रयास कर रहे हैं वहीं प्रताप चौटाला भी अपने बेटे के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। प्रताप चौटाला का ओम प्रकाश चौटाला से छत्तीस का आंकड़ा किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में डबवाली की चुनावी जंग डॉक्टर केवी सिंह की मौजूदगी में ओम प्रकाश चौटाला और प्रताप चौटाला के वारिसों अजय चौटाला और रवि चौटाला के बीच सिमट कर रह गई है।

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