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आरटीआई के दायरे में हों अर्धसैनिक बल: सीआईसी

केंद्रीय सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला ने कहा कि रक्षा बलों सेना, नौसेना और वायुसेना की तरह ही अर्धसैनिक बलों को भी सूचना का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया जाना चाहिए। सूचना का अधिकार अधिनियम अस्तित्व में आने के चार साल पूरे करने जा रहा है।

पारदर्शिता की निगरानी करने वाली इस एजेंसी के पहले मुख्य आयुक्त को लगता है कि अगर अधिनियम की धारा 24 से कुछ संगठनों को अलग कर दिया जाए तो इसे और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। अधिनियम की धारा 24 के तहत 18 खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के लिए कोई भी सूचना का खुलासा करने पर रोक है।

हबीबुल्ला ने अर्धसैनिक बलों को सूचना का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया कि हां, यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है और इसे आरटीआई के तहत खुलासे से छूट मिली हुई है। इन बलों के कार्मिक प्रबंधन के मामले को भी खुलासे से छूट मिली हुई है।

इस सूची में बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एनएसजी और असम रायफल्स जैसे सभी बड़े अर्धसैनिक बल शामिल हैं। यह पूछे जाने पर कि अधिनियम को मजबूत कैसे बनाया जा सकता है, हबीबुल्ला ने कहा कि कुछ संगठनों को छूट वाली सूची से निकाल कर और अन्य उपायों के साथ साथ धारा चार लागू कर इस अधिनियम को मजबूत बनाया जा सकता है।

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  • Web Title:आरटीआई के दायरे में हों अर्धसैनिक बल: सीआईसी